चुनाव का मौसम : पिछला चुनाव हार गए थे विधायक, देखें इस बार कैसे मांग रहे वोट
बिहार में इस समय चुनावी मौसम है। वोटरो को नेताओं के तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई नामांकन भरने जाते समय ही वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह की बातें कर रहा है तो कोई घर-घर जाकर पैर पकड़ रहा...

बिहार में इस समय चुनावी मौसम है। वोटरो को नेताओं के तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई नामांकन भरने जाते समय ही वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह की बातें कर रहा है तो कोई घर-घर जाकर पैर पकड़ रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए कुछ उम्मीदवार गांव-गांव जाकर लोगों के पैर पकड़ कर आर्शीवाद मांग रहे हैं।
बता दें शेखपुरा जिले की बरबीघा विधानसभा के पूरनकामा गांव में दर्जी का काम करने वाले राजेंद्र प्रसाद ने भी इस बार चुनाव में पर्चा भरा है। राजेंद्र प्रसाद साइकिल से नामांकन करने पहुंचे। राजेंद्र ने कहा कि चुनाव के बाद यदि वे विधायक बने तो पहले अपना विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद लोग दिल्ली, मुंबई में फ्लैट खरीदते हैं और अपनी पूंजी बढ़ाते हैं। राजेंद्र ने कहा कि इतने साल तक वे मेहनत करते रहे, लेकिन अभी तक कुछ भी हासिल नहीं कर सके। उनका उद्देश्य है कि विधायक बनने के बाद वे भी अपना घर मकान बना सकें और अपना और अपने परिवार का विकास कर सकें। इसी उद्देश्य से उन्होंने नामांकन किया है।
अब सात की जगह 10 दिन में दे सकेंगे स्टार प्रचारकों की सूची
चुनाव आयोग ने कोविड को देखते हुए राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों की संख्या कम कर दी है। आयोग ने मान्यता प्राप्त दलों को 40 की जगह 30 और गैर मान्यता प्राप्त दलों को 20 की जगह 15 स्टार प्रचारकों को ही अनुमति दी है। लेकिन इसके लिए सूची जमा करने की अवधि बढ़ा दी है। पहले अधिसूचना के सात दिन के अंदर सूची देनी थी अब यह दस दिन कर दी गई है। प्रचार शुरू करने के 48 घंटे पहले प्रशासन को सूचना देनी होगी।


