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1 अक्तूबर, 2020|2:12|IST

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बिहार विधानसभा चुनाव : लालू के 'घर' से अभी तक एक भी बार RJD को नहीं मिली जीत, क्या इस बार बदलेगी किस्मत?

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राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद के गृह विधानसभा क्षेत्र 'हथुआ' में इस बार चुनाव काफी रोचक होने की उम्मीद है। यह क्षेत्र लालू का घर होने के बावजूद भी राजद को यहां पर एक भी बार जीत नसीब नहीं हुई है। लेकिन इस बाद 'हथुआ सीट से राजद जदयू को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में जुट गया है। राजद से जिलाध्यक्ष राजेश सिंह कुशवाहा जदयू विधायक व समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह को कड़ी टक्कर देंगे। 

मंत्री रामसेवक सिंह 2001 में पंचायत चुनाव से राजनीति में आए थे और 2005 में मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। 2010 में नए परिसीमन के साथ मीरगंज विधानसभा का अस्तित्व खत्म हो गया और हथुआ विधानसभा क्षेत्र बना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का गृह विधानसभा क्षेत्र होने के बाद भी यहां राजद को हार का सामना करना पड़ा है।

यहां के इतिहास पर नजर डाले तो कांग्रेस के हाथ से 1972 के बाद यह सीट निकली तो दोबारा नहीं मिल सकी। 1990 में निर्दलीय प्रभुदयाल सिंह ने सीपीएम के विश्वनाथ सिंह को हरा दिया। इसके बाद 1995 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे प्रभुदयाल सिंह को सीपीएम के विश्वनाथ सिंह ने हरा दिया। मीरगंज सीट पर जेपी आंदोलन के बाद से ही समाजवाद भारी रहा है। वर्ष 2000 में भी निर्दलीय अब्दुल समद को समता पार्टी के प्रभुदयाल सिंह चुनाव हराकर विधायक बने। उसके बाद से ही अब तक जदयू का कब्जा रहा है। हालांकि, इस बार जदयू को हथुआ सीट पर कड़ी टक्कर मिल सकती है। इस सीट पर राजद पूरा जोर लगा रहा है।

महागठबंधन के तहत अभी सीटों का बंटवारा नहीं हो सका है। इस सीट पर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा भी दावेदारी कर रही है, तो एनडीए की ओर से लोजपा भी दावेदारी ठोक रही है। भाजपा के कई कार्यकर्ता तो टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से बगावत के मूड में है। मकसुदन सिंह कुशवाहा तो बैठक कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर चुके हैं।

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  • Web Title:Bihar assembly elections: RJD has not won election single time from Lalu Prasad home area Hathua seat