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बिहार के बेरोजगारों के लिए खुशखबरी, मेला लगाकर बांटी जाएंगी नौकरियां, जानें डिटेल प्रोग्राम

नीतीश सरकार की ओर से जिलों में एक दिवसीय नियोजन सह मार्गदर्शन मेला लगाया जाएगा। रोजगार मेला के नाम से भी जाना जाता है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए 14 जिलों में लगने वाले रोजगार मेला का कार्यक्रम है।

बिहार के बेरोजगारों के लिए खुशखबरी, मेला लगाकर बांटी जाएंगी नौकरियां, जानें डिटेल प्रोग्राम
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,पटनाThu, 20 Jun 2024 06:09 AM
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राज्य के बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है। श्रम संसाधन विभाग ने नियोजन सह मार्गदर्शन मेला के माध्यम से रोजगार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए नीतीश सरकार की ओर से जिलों में एक दिवसीय नियोजन सह मार्गदर्शन मेला लगाया जाएगा। इसे रोजगार मेला के नाम से भी जाना जाता है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 14 जिलों में लगने वाले रोजगार मेला का कार्यक्रम जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार इस वर्ष रोजगार मेला की शुरुआत कैमूर से होगी। नीतीश कुमार की सरकार राज्य में दस लाख नौकरी और दस लाख रोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दावा करते हैं कि बिहार में नौकरी और रोजगार देने की शुरूआत तब हुई जब आरजेडी सत्ता में आई।

दी गई जानकारी के मुताबिक कैमूर में 24 जून को रोजगार मेला का आयोजन होगा। इसी तरह डालमियानगर में 26 जून, बक्सर में 27 जून, भोजपुर में 28 जून, औरंगाबाद में 29 जून को रोजगार मेला का आयोजन होगा। जबकि गया में एक जुलाई, नवादा में तीन जुलाई, नालंदा में चार जुलाई, शेखपुरा में पांच जुलाई, खगड़िया में छह जुलाई, बेगूसराय में आठ जुलाई, समस्तीपुर में 10 जुलाई, दरभंगा में 11 जुलाई और मधुबनी में 12 जुलाई को नियोजन सह मार्गदर्शन मेला का आयोजन होगा। मेला में शामिल होने वालों को एनसीएस पोर्टल पर निबंधन जरूरी है। निबंधन नहीं करने वालों को मेला स्थल पर भी निबंधन की सुविधा दी जाएगी।

दरअसल इन दिनों बिहार में नौकरी और रोजगार राजनीति का मुख्य मुद्दा बना हुआ है। एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के नेता बिहार के बेरोजगारों को नौकरी देने को लेकर एक दूसरे की खिचाई करते रहते हैं। नीतीश कुमार दावा करते हैं कि पिछले दिनों जो भी नौकरियां दी गईं वे सभी उनकी सरकार ने दिए। उनकी सरकार की यह पूर्व की योजना थी। इसमें राजद के नेताओं का कोई योगदान नहीं है। जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दावा करते हैं कि 17 महीनों को सरकार में डिप्टी सीएम रहते उन्होंने पांच लाख से ज्यादा बेरोजगारों को नौकरी दिलाई। लोकसभा चुनाव में बिहार में यह मुद्दा छाया रहा और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बनकर उभरेगा। बिहार सरकार ने कई विभागों में नौकरी का पिटारा खोल दिया है। इनमें लाखों की संख्या में नौकरियों की घोषणा कर दी गयी है। कुछ विभागों में प्रक्रिया की शुरूआत भी कर दी गयी है। नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में दस लाख नौकरी और दस लाख रोजगार का लक्ष्य तय कर रखा है। हालांकि नीतीश सरकार के मंत्री दावा करते हैं कि निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा लोगों को नौकरी और रोजगार दिए जाएंगे।