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29 अप्रैल, 2021|7:15|IST

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नंदीग्राम में घर बनाया, गोत्र बताया... शुभेंदु के मुकाबले क्या वाकई फंस रही हैं ममता बनर्जी

mamata banerjee

पश्चिम बंगाल में एक अप्रैल यानी कल दूसरे चरण का चुनाव होना है। इस चुनाव में सबसे हाई प्रोफाइल सीट नंदीग्राम है, जहां टक्कर मौजूदा सीएम ममता बनर्जी और कभी उनके करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी के बीच है। मंगलवार को नंदीग्राम में ममता ने जब अपना आखिरी चुनाव प्रचार किया तो उन्होंने लोगों को अपना गोत्र बताया। नंदीग्राम के संग्राम की शुरुआत में ही ममता ने जनसभा के दौरान चंडीपाठ सुनाया था। हैरानी की बात यह है कि ममता बनर्जी एक समय में 'जय श्री राम' के नारे तक से बिदक गई थीं लेकिन अब उनकी राजनीतिक रणनीति में इतना बड़ा बदलाव आया है कि वह 'हिंदू-हिंदू' करने लगीं। आइए एक नजर डालते हैं ममता के नंदीग्राम के चुनावी प्रचार पर...

नंदीग्राम में बताया अपना गोत्र
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन ममता ने अपने गोत्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैं त्रिपुरा के त्रिपुरेश्वरी मंदिर गई थी. वहां पुरोहित ने पूछा...मां, तुम्हारा गोत्र क्या है? मैंने कहा- मां, माटी, मानुष ही मेरा गोत्र है। लेकिन, पुजारी ने कहा कि अपना निजी गोत्र बताइए। तो मैंने कहा कि मेरा पर्सनल गोत्र शांडिल्य है।'

खुद को बताया ब्राह्मण की बेटी, किया चंडीपाठ
नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद जब ममता यहां पहले औपचारिक दौरे पर पहुंची तो उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान ममता बनर्जी ने न सिर्फ चंडीपाठ सुनाया बल्कि उन्होंने खुद को ब्राह्मण परिवार की बेटी तक बताया था। ममता ने कहा, 'जो लोग हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेल रहे हैं, मैं उन्हें साफ बताना चाहती हूं कि मैं भी एक हिंदू परिवार से आई लड़की हीं। मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलो।' उन्होंने कहा कि वह हर दिन जब घर से निकलती हैं तो चंडीपाठ करती हैं। हिंदू धर्म को लेकर उनसे प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए।

शिवजी की पूजा के बाद भरा नामांकन
ममता बनर्जी ने इसी महीने 10 मार्च को नंदीग्राम सीट से नामांकन का पर्चा भरा। हालांकि, इससे पहले उन्होंने शिवजी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। वह पैदल ही मंदिर पहुंची थीं। अपने पहले ही औपचारिक दौरे में ममता बनर्जी ने दुर्गा मंदिर, काली मंदिर से कई धार्मिक स्थलों का दौरा किया।

बाहरी के टैग से बचने को लिया नंदीग्राम में किराए का घर
ममता बनर्जी ने जिस दिन से ऐलान किया कि वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी, तभी से उनके प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें बाहरी बताना शुरू कर दिया था। इस टैग से बचने के लिए ही ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में एक नहीं बल्कि दो घर किराए पर लिए हैं। ये घर नंदीग्राम के रेयापाड़ा इलाके में हैं। ममता ने खुद यह ऐलान भी किया कि वह जल्द ही नदी के किनारे अपना पक्कान मकान बनाएंगी ताकि वह अकसर यहां आना-जाना करती रहें। 

चुनाव के लिए नंदीग्राम में कड़ी सुरक्षा
दूसरे चरण के चुनाव में नंदीग्राम सबसे हॉट सीट मानी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चुनाव आयोग ने क्षेत्र में सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए हैं। यहां 355 बूथों पर केंद्रीय सशस्त्र बल की 20 कंपनियां तैनात की जाएंगी। दूसरे चरण में राज्य की 30 सीटों पर चुनाव होना है। इसके लिए कुल 10 हजार 620 मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र बलों की 650 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इस चरण में कुल 76 लाख मतदाता वोट करेंगे। बंगाल में आठ चरणों में मतदान होना है। चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे।

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  • Web Title:why mamata banerjee adopts soft hindutva strategy to win nandigram seat against suvendu adhikari