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9 मई, 2021|1:50|IST

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बंगाल चुनाव: बीजेपी दलितों और पिछड़ों के बीच कैसे बना रही पैठ? अमर्त्य सेन ने बताया

amartya sen  narendra modi

पश्चिम बंगाल के चुनाव में टीएमसी को बीजेपी की ओर से कड़ी टक्कर मिलती दिख रही है। बंगाल में कभी सत्ता में न आने वाली बीजेपी की ओर से सरकार बनाने के दावे भी किए जा रहे हैं। खासतौर पर दलित, आदिवासी समुदाय के लोगों तक बीजेपी ने अपनी अच्छी पैठ कायम की है। बंगाल में बीजेपी के मजबूती से उभार को लेकर नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का कहना है कि उसने सांगठनिक क्षमता के बूते यह स्थिति हासिल की है। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए अमर्त्य सेन ने कहा, 'यह किसी समाज को न्याय मिलने या न मिलने की बात नहीं है बल्कि चुनाव में समर्थन मिलना संगठन की मजबूती पर भी निर्भर करता है। इसमें बीजेपी आगे है।'

अमर्त्य सेन ने कहा कि आदिवासी और दलित समुदाय में बीजेपी की पकड़ की वजह यही है कि उसने अपने संगठन के बूते संबंधों को मजबूत किया है। अमर्त्य सेन ने कहा, 'बीजेपी ने जनजातीय समाज के लिए बीच अपने संबंधों को मजबूत किया है। उसने उनके बीच लंबे समय तक पहुंच बनाए रखने का काम किया।' पश्चिम बंगाल में बीजेपी के उभार को लेकर अमर्त्य सेन ने कहा, 'आपका यह सवाल भी हो सकता है कि आखिर सेकुलर कहे जाने वाले पश्चिम बंगाल में हिंदूवादी पार्टी कैसे उभर रही है। आप देखेंगे कि यहां बीजेपी का कई सालों से फोकस रहा है। खुद पीएम, गृह मंत्री और देश के सबसे बड़े राज्य के सीएम का यहां आते रहे हैं।' देश के सबसे बड़े राज्य के सीएम के तौर पर उनका इशारा योगी आदित्यनाथ की ओर था। 

उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि अछूत और जातिवाद की समस्या किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले वहां अधिक है, लेकिन वहां लेफ्ट इसलिए बना हुआ है क्योंकि वहां उसका संगठन मजबूत है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी लंबे समय तक इन समुदायों को नजरअंदाज किया है, जिसका लाभ बीजेपी को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भी हम देखते हैं कि बीजेपी ने आदिवासी समुदाय के लोगों तक अपनी पकड़ बनाई। इसकी वजह भी उसका संगठन ही रहा है और उसकी इस क्षमता ने उसे राज्य में स्थापित किया। 

मतुआ समुदाय के बीच भी बीजेपी ने बनाई पकड़
बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय समेत पिछड़ी जातियों के एक बड़े वर्ग के बीच बीजेपी पैठ बनाने की कोशिश में रही है। बंगाल में फिलहाल 4 चरणों का मतदान हो चुका है। 5वें राउंड की वोटिंग शनिवार को होनी है, जबकि 29 अप्रैल को आखिरी राउंड का मतदान होना है। तमिलनाडु, केरल, असम समेत 5 राज्यों के चुनाव नतीजे 2 मई को आने वाले हैं। 

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  • Web Title:why bjp makes grip between dalits and tribals in west bengal