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बंगाल चुनाव 2021ममता बनर्जी से हो गया सेल्फ गोल? बीजेपी ने नंदीग्राम को आसान मुकाबले वाली सीटों की लिस्ट में रखा

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली।Published By: Himanshu Jha
Tue, 06 Apr 2021 03:41 PM
ममता बनर्जी से हो गया सेल्फ गोल? बीजेपी ने नंदीग्राम को आसान मुकाबले वाली सीटों की लिस्ट में रखा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से प्रत्येक को तीन श्रेणियों, ए, बी और सी में से एक में वर्गीकृत किया है। विधानसभा सीट पर लड़ाई के हिसाब से उन्हें बांटा गया है। छह भाजपा नेताओं के अनुसार (जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की थी) A का मतलब है आसान जीत, B का मतलब है मुकाबला है। C का मतलब है मुकाबला काफी कठिन है।

बीजेपी नेताओं ने नंदीग्राम सीट, जहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेदु अधिकारी के बीच मुकाबला है, को बी श्रेणी में रखा गया है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भी एक रैली के दौरान कहा कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में सेल्फ गोल कर लिया है। वह चुनाव हार चुकी हैं। उनका गुस्साइसकी गवाही दे रहा है।

कैलाश विजवर्गीय बोले- A कैटगरी में है नंदीग्राम सीट
हालांकि बीजेपी का कहना है कि 294 सीटों में से कोई भी मुश्किल नहीं है। बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयववर्गीय का कहना है, “यह पहली बार है जब हमारी पार्टी राज्य भर में कुल 1,00,000 मतदान केंद्रों में से 80,000 पर गई है। हमने उन्हें वर्गीकृत किया है। लेकिन यह हमारी आंतरिक तैयारी है। यह हमारी रणनीति का हिस्सा है। हम आशा करते हैं कि सीट किसी भी कैटेगरी में हो, लोग हमें वोट देंगे।'' आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी हर रैली में कम से कम 200 सीटें जीतने की बात दोहराते हैं।।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नंदीग्राम सीट बीजेपी की एक कैटगरी में आती है। आपको बता दें सीटों को ए, बी और सी कैटेगरी में बाटने का काम बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकारों द्वारा किया गया है। हिन्दुस्तान टाइम्स को इस बाl की जानकारी मिली है कि यह लिस्च बीजेपी के कुछ शीर्ष नेताओं और प्रचारकों के पास है।

बाबुल सुप्रियो की सीट पर भी मुकाबला
बीजेपी के एक नेता का कहना है कि नंदीग्राम सीट पर मुकाबला है। हालांकि उनका कहना है कि बीजेपी को इसमें बढ़त मिल सकती है। इसी तरह, टॉलीगंज जहां से केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो लड़ रहे हैं, उसे भी बी श्रेणी में रखा गया है। बाबुल सुप्रियो ने स्वीकार किया कि उन्हें एक कठिन सीट दी गई है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह जीत को लेकर आश्वस्त हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र के वर्गीकरण के बारे में उन्होंने कहा, "यह संगठन के द्वारा उन निर्वाचन क्षेत्रों की गंभीर और जमीनी आकलन है, जिन्हें अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है।"

सी कैटेगरी की सीटें
भाजपा के लिए सबसे कठिन यामी की पार्टी की सी कैटेगरी की सीटों में ज्यादातर दक्षिण बंगाल के हैं। इनमें स्वरूपनगर, बारानगर, बसंती, जगतबॉलपुर, खंडागोश, मुरारई, नलगोटी और मनबाजार शामिल हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व है।

बी कैटेगरी सी सीटें
बी कैटगरी की बात करें तो उनमें नंदीग्राम, सिताई, मोयना, रायपुर, कोटुलपुर, इंदास, गलसी, कटवा, मेमारी और यहां तक ​​कि तारकेश्वर जहां से राज्यसभा सांसद और पत्रकार स्वपन दासगुप्ता चुनाव लड़ रहे हैं। दासगुप्ता ने कहा, "मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि मैं इस तरह के सर्वेक्षण में कभी नहीं शामिल हुआ।"

ए कैटेगरी की सीटें
बीजेपी के लिए सबसे आसान या श्रेणी ए की सीटों में ओंदा, बिष्णुपुर, आसनसोल (दक्षिण), पारा, जॉयपुर, शिबपुर, खेजुरी, मेदिनीपुर, हावड़ा उत्तर शामिल हैं। हावड़ा के अलावा, बीजेपी के लिए ए कैटेगरी की ज्यादातर सीटें राज्य के पश्चिमी हिस्सों में हैं।

राज्यसभा में टीएमसीसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “हम बंगाल जीत रहे हैं। हमने नंदीग्राम जीत लिया है। यहां चुनाव लड़ने वाला एकमात्र केंद्रीय मंत्री चुनाव हार जाएंगे।”

जेएनयू में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर द्वैपायन भट्टाचार्य ने वर्गीकरण के पीछे के तर्क को समझाते हुए कहा, “बंगाल के पश्चिमी जिलों में भाजपा ने (हमेशा) बेहतर किया है, इसलिए वे उन्हें जीतने के लिए आसान सीटों के रूप में वर्गीकृत करते हैं। दक्षिणी और पूर्वी बंगाल में, टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोपों के बावजूद, इसकी संगठनात्मक उपस्थिति है, इसलिए भाजपा को कुछ  विरोध का सामना करना पड़ेगा।”

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