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ममता बनर्जी ने खुद के लिए नंदीग्राम सीट ही क्यों चुनीं, इसके पीछे क्या रही वजह? जानें

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Ashutosh Ray
Sat, 06 Mar 2021 08:55 AM
ममता बनर्जी ने खुद के लिए नंदीग्राम सीट ही क्यों चुनीं, इसके पीछे क्या रही वजह? जानें

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए 291 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसी के साथ-साथ ममता बनर्जी ने यह भी बता दिया है कि वो कहां से चुनाव लड़ेंगी। उम्मीदवारों के नाम के ऐलान के साथ ममता बनर्जी ने कहा कि वो नंदीग्राम सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी। ममता बनर्जी ने खुद के लिए नंदीग्राम की सीट क्यों चुनीं इसके पीछे भी वजह है।

ममता बनर्जी ने 18 जनवरी को नंदीग्राम के टेकली में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नंदीग्राम मेरे दिल के करीब हैं। मैं अपना नाम भूल सकती हूं, लेकिन मैं नंदीग्राम को नहीं भूल सकती। भावनात्मक लगाव को देखते हुए, नंदीग्राम के लोगों के साथ मेरा आज का संबंध है। घोषणा कर रही हूं कि मैं नंदीग्राम से आगामी चुनाव लड़ना चाहती हूं। हालांकि, ममता ने बात यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह भवानीपोर सीट से भी चुनाव लड़ने की उत्सुक हैं। 

ममता ने कहा कि मैं दोनों सीटों से चुनाव लड़ना चाहूंगी क्योंकि मुझे लगता है कि नंदीग्राम और भवानीपोर दोनों मेरी बहनें हैं। शुक्रवार को ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर मुहर लगा दी लेकिन दूसरी ओर से उन्होंने भवानीपोर सीट छोड़ दीं। जबकि इस सीट पर ममता बनर्जी ने साल 2011 और 2016 में चुनाव में जीत मिली थी। 

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दूसरी ओर बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नंदीग्राम में ममता को टक्कर देने के लिए बीजेपी सुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार सकती है। सुभेंदु अधिकारी जो कि टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। सवाल यह है कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट क्यों चुनीं? इसके पीछे भी बड़ा कारण है।

किसान आंदोलन का केंद्र रह चुका है नंदीग्राम
ममता बनर्जी ने इस बार के चुनाव के लिए जिस नंदीग्राम सीट से मैदान में उतरने का फैसला किया है वो कभी किसान आंदोलन का केंद्र रहा था और दस साल पहले टीएमसी को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई थी। तब सुभेंदु अधिकारी वह व्यक्ति थे जिन्होंने नंदीग्राम में पार्टी का जनाधार बनाने का काम किया। हालांकि, उम्मीदवारों के नाम ऐलान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हर कोई इतिहास के बारे में जानता है। नंदीग्राम सीट की अहमियत को समझते हुए ही ममता बनर्जी ने यहां से मैदान में उतरने का फैसला किया। इस बार उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं सुभेंदु अधिकारी, जो कि अब बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं।

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