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मुस्लिम एकजुट, सुरक्षाबलों का घेराव... इन बयानों की वजह से ममता बनर्जी पर चुनाव आयोग ने लगाया बैन

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली Published By: Tej Singh
Mon, 12 Apr 2021 09:42 PM
मुस्लिम एकजुट, सुरक्षाबलों का घेराव... इन बयानों की वजह से ममता बनर्जी पर चुनाव आयोग ने लगाया बैन

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के केंद्रीय बलों के खिलाफ बयानों और कथित धार्मिक प्रवृत्ति वाले एक बयान के लिए 24 घंटे तक उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि आयोग 12 अप्रैल रात 8 बजे से 13 अप्रैल रात 8 बजे तक 24 घंटे की अवधि के लिए ममता बनर्जी के प्रचार करने पर प्रतिबंध भी लगाता है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर ममता बनर्जी ने ऐसे कौन से बयान दिए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने उनपर बैन लगा दिया है।

क्या कहा था ममता ने?

मुस्लिम वोटर्स से वोट बंटने ना देने की अपील और महिलाओं को सुरक्षाबलों का घेराव करने की सलाह देने को लेकर ममता बनर्जी को चुनाव आयोग ने दो नोटिस जारी किए थे। अब ममता के जवाब से असंतुष्ट चुनाव आयोग ने अब उनपर यह कार्रवाई की है।

मुस्लिम वोटर्स से क्या कहा था?

चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक ममता बनर्जी ने हुगली में ताराकेश्वर की चुनाव रैली के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि उनका वोट विभिन्न दलों में न बंटने दें। ममता बनर्जी ने एआईएमआईएम और आईएसफ जैसी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ''मैं हाथ जोड़कर अपने अल्पसंख्यक भाई-बहनों से अपने मत शैतान को नहीं देने और अपने मत को बंटने नहीं देने की अपील करती हूं, जिसने भाजपा से पैसे लिए हैं।''

बनर्जी ने कहा था, ''वह कई सांप्रदायिक टिप्पणी करता है और हिंदू-मुस्लिम के बीच झगड़ा करवाता है। वह भाजपा का प्रचारक है, साथी है। माकपा और भाजपा के साथी भाजपा से पैसे लेकर अल्पसंख्यकों के मत बांटने के लिए घूम रहे हैं। उन्हें ऐसा न करने दें। ध्यान रखें कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह बहुत बड़े खतरे में होंगे।'' इस पर चुनाव आयोग ने कहा था कि उसने पाया है कि उनका भाषण जन प्रतिनिधित्व कानून और आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।

मुस्लिम वोटर्स से अपील को लेकर चुनाव आयोग से मिले नोटिस के बाद भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने रुख पर अड़ी हुई थीं। टीएमसी सुप्रीमो ने इस नोटिस के बाद भी कहा था कि वह अब भी एकजुट होकर वोट करने की अपील करेंगी। ममता ने यह भी कहा कि यदि उन्हें 10 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए जाएं तो भी परवाह नहीं है।

ममता बनर्जी ने दमजुर में एक रैली के दौरान कहा था, ''मुझे 10 कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया जाए तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हम हर किसी से कह रही हूं कि एकजुट होकर वोट करो, कोई बंटवारा नहीं होगा। नरेंद्र मोदी के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज की गई हैं? वह हर दिन हिंदू-मुस्लिम करते हैं।'' 

सुरक्षा बलों के खिलाफ क्या था बयान?

केंद्रीय बलों को लेकर ममता की टिप्पणी के लिए भी चुनाव आयोग ने उन्हें एक नोटिस भेजा था। दरअसल चुनाव आयोग ने 28 मार्च और 7 मार्च को केंद्रीय बलों के खिलाफ ममता द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर 10 अप्रैल तक उनसे जवाब देने को कहा था। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने वोटरों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा था कि केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवान गांवों में लोगों को डराने-धमकाने पहुंच सकते हैं। इससे पहले टीएमसी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय सुरक्षाबल बंगाल में उनके वोटरों को पोलिंग बूथ पर जाने से रोक रहे हैं।

7 अप्रैल को ममता बनर्जी  ने क्या कहा?

ममता बनर्जी ने 7 अप्रैल को आरोप लगाते हुए कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर सीआरपीएफ के जवान राज्य में मतदाताओं को परेशान कर रहे हैं। ममता ने कूच बिहार जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय बल के कर्मियों पर मौजूदा विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था, "वे मतदाताओं को वोट डालने से रोक रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया है।" 

इस बीच 7 अप्रैल को ही कूच बिहार में ममता बनर्जी ने कहा था, ''केंद्रीय बल यदि रुकावट पैदा करते हैं, तो मैं महिलाओं से कहती हूं कि एक समूह उनका घेराव करे और दूसरा जाकर वोट डाले। अपना वोट व्यर्थ मत करो। यदि आप केवल उन्हें घेरे रहेंगे तो वे खुश होंगे कि आप अपना वोट नहीं डाल रहीं। यह उनका प्लान है, यही बीजेपी का प्लान है।''

28 मार्च को क्या बोलीं थीं ममता?

28 मार्च को एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कथित तौर पर सवाल किया था कि केंद्रीय बलों को महिलाओं को वोट डालने की अनुमति दिए बिना धमकी देने की शक्ति किसने दी।

ममता बनर्जी पर बैन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

अब चुनाव आयोग ने ममता के इन बयानों के लिए 24 घंटे का बैन लगा दिया है। ममता बनर्जी पर बैन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार रात 8 बजे तक वह किसी भी तरह से प्रचार नहीं कर सकती हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें आगे से इस तरह का बयान ना देने की सख्त हिदायत दी है। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के बयानों की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के बातों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि ममता बनर्जी, जो राज्य की मुख्यमंत्री भी हैं, ने चुनाव आचार संहिता के साथ ही जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 123 (3) और 3a और आईपीसी, 1860 की धारा 186, 189 और 505 का भी उल्लंघन किया है। उन्होंने बेहद भड़काऊ बयान दिए हैं जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

आठ चरणों में हो रहा है बंगाल विधानसभा चुनाव

बता दें कि बंगाल में आठ फेज में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं। अभी तक चार चरण के मतदान हो चुके हैं। अंतिम फेज 29 अप्रैल को आठवें चरण के मतदान के साथ समाप्त हो रहा है। चार चरण के मतदान खत्म हो जाने के बाद बीजेपी ने सौ सीटें जीतने का दावा किया है, जबकि टीएमसी भी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर चुकी है। राज्य में बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत पार्टी के अहम नेता मोर्चा संभाले हुए हैं।

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