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30 मार्च, 2021|8:26|IST

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बीजेपी में शामिल हुए पूर्व टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी, घुटन का आरोप लगा राज्यसभा से दिया था इस्तीफा

dinesh trivedi

पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। बीजेपी में शामिल होने को स्वर्णिम पल बताते हुए दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि बीजेपी जनता के परिवार जैसी है। यहां पार्टी की सेवा के लिए बल्कि जनता की सेवा के लिए काम होता है। यही नहीं टीएमसी पर बिना नाम लिए दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि वहां एक परिवार की सेवा होती है। मेरे लिए देश सर्वोपरि रहा है और वह हमेशा रहेगा। यदि देश सर्वोपरि न होता तो आज जिस तरह से बीजेपी आगे बढ़ रही है, वैसा नहीं हो पाता।

दिनेश त्रिवेदी के पार्टी में शामिल होने पर जेपी नड्डा ने कहा कि अब सही व्यक्ति सही पार्टी में आए हैं। दिनेश त्रिवेदी की जमकर तारीफ करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि उन्होंने सिद्धातों के लिए अपना राजनीतिक जीवन गुजारा है। उन्होंने सिद्धांतों के लिए हमेशा त्याग किए हैं। वहीं दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि मुझे वाकई में बीजेपी में शामिल होने का इंतजार था। त्रिवेदी ने कहा, 'नड्डा जी जैसे आपने विचार की बात की तो मैं यह कहूंगा कि हम सार्वजनिक जीवन में इसीलिए हैं क्योंकि जनता और देश ही अहम है।' त्रिवेदी ने कहा कि बीजेपी एक तरह से जनता के परिवार जैसी है। 

दिनेश त्रिवेदी ने बजट सत्र के दौरान संसद में टीएमसी के राज्यसभा सांसद के तौर पर इस्तीफा दे दिया था। पश्चिम बंगाल में चुनावों के ऐलान के बाद दिनेश त्रिवेदी का शाामिल होना बीजेपी के लिए बड़ी बढ़त होगा। रेलवे मंत्री रहे दिनेश त्रिवेदी को किराया बढ़ाने के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था और इसके लेकर कहा गया था कि ममता बनर्जी के दबाव के चलते उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इस घटना के बाद से ही उनके संबंध ममता बनर्जी से बहुत अच्छे नहीं थे। 

ममता के लिए पुराने साथ ही बन रहे सिरदर्द: मुकुल रॉय, शुभेंदु अधिकारी जैसे कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के बाद अब दिनेश त्रिवेदी का बीजेपी के पाले में आना ममता बनर्जी के लिए चुनावी समर से ठीक पहले चिंता बढ़ाने वाला है। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ही पश्चिम बंगाल में अपने 291 उम्मीदवारों की सूची जारी की है और खुद नंदीग्राम सीट से लड़ने का ऐलान किया है। यहां उनके पूर्व सिपहसालार रहे और अब बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी उन्हें चुनौती दे सकते हैं।

राज्यसभा में कहा था, TMC में दम घुट रहा है: साफ है कि ममता बनर्जी को बीजेपी के साथ ही उनके ही पूर्व साथियों सो कड़ी चुनौती मिल रही है। बीजेपी की इस चुनौती का जवाब देने के लिए ही शायद ममत बनर्जी ने नंदीग्राम से ही संग्राम में उतरने का फैसला लिया है। इससे पहले वह 2011 और 2016 में भवानीपुर से जीती थीं। दिनेश त्रिवेदी उन नेताओं से रहे हैं, जो टीएमसी की स्थापना के दौर से ही ममता बनर्जी के साथ थे। दिनेश त्रिवेदी ने राज्यसभा से इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा था कि राज्य में हिंसा और भ्रष्टाचार का जैसा माहौल है, उसमें उनका दम घुट रहा है और वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में मैंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस्तीफा देने का फैसला लिया है। 

इस्तीफे के बाद त्रिवेदी ने पीएम मोदी और शाह को बताया था दोस्त: राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद भी दिनेश त्रिवेदी ने बीजेपी में जाने से इनकार नहीं किया था और पीएम नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह को अपना पुराना दोस्त बताया था। दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे को लेकर टीएमसी के सीनियर नेता सौगत रॉय ने उन पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह जनाधार वाले नेता नहीं हैं और उनके जाने से किसी नए नेता को मौका मिलेगा।

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  • Web Title:former railway minister dinesh trivedi joins bjp in presence of jp nadda