DA Image
हिंदी न्यूज़ › विधानसभा चुनाव › बंगाल चुनाव 2021 › राजनीति की पिच ही नहीं हवाई पट्टी भी अलग, नंदीग्राम में अलग-अलग हैलीपैड बनवा रहे हैं टीएमसी और बीजेपी
बंगाल चुनाव 2021

राजनीति की पिच ही नहीं हवाई पट्टी भी अलग, नंदीग्राम में अलग-अलग हैलीपैड बनवा रहे हैं टीएमसी और बीजेपी

हिन्दुस्तान टाइम्स,कोलकाताPublished By: Surya Prakash
Mon, 08 Mar 2021 11:02 AM
राजनीति की पिच ही नहीं हवाई पट्टी भी अलग, नंदीग्राम में अलग-अलग हैलीपैड बनवा रहे हैं टीएमसी और बीजेपी

पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में टीएमसी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और बीजेपी की भी पहली लिस्ट आ गई है। इसके साथ ही सूबे में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। खासतौर पर ममता बनर्जी की चुनावी सीट नंदीग्राम पर संग्राम तेज हुआ है। इस सीट पर ममता बनर्जी समेत तमाम वीआईपी प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसी में दिग्गजों के हेलिकॉप्टरों के लिए हेलीपैड भी तैयार हो रहे हैं। राजनीति की पिच अलग-अलग होने के साथ ही टीएमसी और बीजेपी ने अलग-अलग हैलीपैड भी तैयार कराने का फैसला लिया है। रविवार को टीएमसी के हेलीपैड के ट्रायल का मौका था। इस सीट पर ममता बनर्जी को बीजेपी की ओर से शुभेंदु अधिकारी टक्कर दे रहे हैं। कभी ममता के सिपहसालार रहे शुभेंदु अधिकारी के उनके खिलाफ उतरने से मुकाबला रोचक होने की पूरी उम्मीद है।

बीजेपी इस सीट पर प्रचार के लिए आने वाले नेताओं के हेलिकॉप्टर्स के लिए टेंगुआ में हवाई पट्टी तैयार कर रही है, जबकि टीएमसी बारटाला में हैलीपैड तैयार करा रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की तरफ से 8 चरणों में मतदान का ऐलान किया गया है और सूबे में 27 मार्च से चुनावों का शंखनाद होने वाला है। ममता बनर्जी नंदीग्राम में 10 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगी और 11 मार्च से इस सीट पर प्रचार की शुरुआत करेंगी। वहीं शुभेंदु अधिकारी 12 मार्च को नामांकन भर सकते हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर 67 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करने वाले शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 50,000 वोटों से हराने की चुनौती नहीं दी है। हालांकि पिछली बार शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के टिकट पर ही चुनाव लड़े थे। 

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए पिछले दिनों कहा था, 'मैं उन्हें हराऊंगा। वह कोलकाता में अपनी मौजूदा सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ने में डर रही है। इसलिए वह नंदीग्राम में चुनाव के लिए उतर रही हैं। यहां भी लोग उन्हें खारिज कर देंगे।' उन्हें जवाब देते हुए टीएमसी ने कहा था कि वह धमकियां देने की बजाय अपने काम पर ध्यान दें। टीएमसी लीडर सुब्रत मुखर्जी ने कहा था, 'वह कई बार ऐसा दावा कर चुके हैं। उन्हें अब काम करना शुरू करना चाहिए। ममता पहले ही नंदीग्राम से जुड़ी रही हैं। उन्हें काम पर फोकस करना चाहिए। हम यह देखेंगे कि आगे क्या होता है।' 

नंदीग्राम का संग्राम कितना जबरदस्त रहने वाला है, इसका अनुमान इस बात से ही लगा सकते हैं कि विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी ऐसे कई घरों की तलाश कर रही है, जहां ममता बनर्जी रुक सकें। दरअसल सीएम ने एक महीने तक नंदीग्राम को ही अपना ठिकाना बनाने का फैसला लिया है। अब तक टीएमसी ने ऐसे दो घर चुने हैं, जहां ममता बनर्जी रुक सकती हैं। इनमें से एक घर पूर्व सैनिक का है, जबकि दूसरा घर एक स्थानीय टीचर का है।

संबंधित खबरें