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बड़ी होती बेटी के खानपान पर रखें नजर

बड़ी होती बेटी के खानपान पर रखें नजर
बड़ी होती बेटी के खानपान पर रखें नजर

किशोरावस्था उम्र का वह नाजुक मोड़ होता है, जब अचानक बहुत सारे शारीरिक बदलाव आने लगते हैं और हार्मोंस में भी अनियमितता देखने को मिलती है। यूं तो यह परिवर्तन लड़कियों और लड़कों के लिए समान रूप से असमंजस में डालने वाले होते हैं, लेकिन लड़कियों के लिए यह बदलाव कुछ ज्यादा ही कठिन होते हैं। शारीरिक सरंचना में आने वाले बदलाव जहां बेटी को दुविधा में डालते हैं, वहीं पीरिएड का शुरू होना उसकी दिक्कत और बढ़ाता है। अगर इस समय संतुलित आहार और पोषण का ख्याल रखा जा, तो पोषण की कमी उम्र बढ़ने पर कमजोरी के रूप में सामने आने लगती है। इसलिए मांओं को किशोर हो रही बेटी के आहार में अतिरिक्त पोषण का ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए, ताकि वह अपने शरीर में हो रहे बदलावों को सहजता से ले सके।

आयरन, कैल्शियम और जिंक है जरूरी

आप अच्छी तरह जानती हैं कि जब मासिक धर्म शुरू होता है, तो रक्त स्राव की वजह से शरीर में खून की कमी हो जाती है, जिसका सीधा अर्थ है शरीर में आयरन की कमी होना। इसलिए उसके आहार में आयरन से भरपूर चीजें जैसे पालक, चुकन्दर, अनार, अंडा और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें। इसी तरह कैल्शियम भी बढ़ते बच्चों के लिए बहुत जरूरी होता है, ताकि हड्डियां मजबूत बनी रहें। इसलिए भोजन में दूध, चीज और पनीर अवश्य खिलाएं। जिंक हमारे शरीर में आवश्यक प्रोटीन का निर्माण करने में मदद करता है, इस लिहाज से यह विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिंक की पूर्ति के लिए उसके आहार में साबुत अनाज, मशरूम, अलसी, फलियां और तिल अवश्य शामिल करें।

प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से मिलेगी ऊर्जा 

प्रोटीन इस उम्र में बच्चों के शारीरिक विकास के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण पोषक पदार्थों में से एक है, क्योंकि उम्र के इस दौर में मांसपेशियों को विकसित और मजबूत करने का काम प्रोटीन ही करता है। इस उम्र में तेजी से शारीरिक बदलाव आते हैं और विकास भी होता है, इसलिए प्रोटीन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इसलिए उसके आहार में अंडे और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ नियमित रूप से शामिल करें। हम सब जानते हैं कि  र्बोहाइड्रेट शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। लेकिन किशोरावस्था में शरीर की ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। इसलिए बेटी को नियमित रूप से साबुत अनाज, ताजे फल और शहद अवश्य खिलाएं, ताकि उसे थकान या ऊर्जा की कमी महसूस हो और वह हमेशा चुस्त रहे।

मजबूती देगा देसी घी
मजबूती देगा देसी घी

अकसर लड़कियां मोटापे के डर से घी खाना बिलकुल छोड़ देती हैं और लो फैट आहार को ही प्राथमिकता देती हैं। लेकिन बढ़ती उम्र में उन्हें हर पोषक तत्व की बराबर मात्रा में आवश्यकता होती है। अब तो डॉक्टर भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि संतुलित मात्रा में खाया गया देसी घी शरीर को फायदा पहुंचाता है। शरीर के समुचित विकास के लिए घी का सेवन बेहद आवश्यक है, अन्यथा उम्र बढ़ने पर ड्डियां कमजोर होने और जोड़ों में दर्द की समस्या परेशान करने लगती है। इसलिए बेटी को देसी घी के फायदों के बारे में बताएं और समझाएं कि सभी प्रकार का फैट मोटापा नहीं बढ़ाता।

विटामिन ना हों कम

वैसे तो सभी विटामिन हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं पर किशोरावस्था विकास का वह पड़ाव होती है, जब शरीर के सभी अंगों के समुचित विकास के लिए सभी तरह के विटामिन की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। जैसे विटामिन- गर्भाशय के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है इसलिए टमाटर, हरी सब्जियां, गाजर और दूध का सेवन बहुत जरूरी है। विटामिन- में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं। बादाम, सूरजमुखी के बीज, पीनट बटर और पपीते में यह काफी मात्रा में होता है इसलिए इन सभी खाद्य पदार्थों को उसके आहार में जरूर शामिल करें। विटामिन-सी हाजमा दुरुस्त रखने और त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी होता है, इसलिए नीबू और संतरा उसके आहार में नियमित रूप से शामिल करें।

फोलेट और फाइबर को ना भूलें

फोलेट का मतलब ऐसे विटामिन्स सेल्स से हैं, जो प्रजनन और विकास के लिए आवश्यक होते हैं। साथ ही यह प्रोटीन को इस योग्य बनाता है कि हमारा शरीर उसे पूरी तरह ग्रहण कर सके। फलों और सब्जियों को नियमित आहार में शामिल करके इसकी पूर्ति की जा सकती है। फाइबर यानि रेशेदार आहार की कमी से कब्ज की समस्या हो सकती है, इसलिए उसे साबुत अनाज, दालें और आलू अवश्य खिलाएं। इससे जरूरी फाइबर की आपूर्ति होगी और मोटापे की समस्या भी नहीं घेरेगी। आमतौर पर किशोरावस्था में लड़कियां वजन बढ़ने के डर से खाना बिलकुल बंद कर देती हैं, जो बिल्कुल उचित नहीं है। यदि आप शुरू से ही बेटी को संतुलित भोजन का महत्व समझा कर खाने के लिए प्रेरित करेंगी तो वह निश्चित रूप से अपनी किशोरावस्था की स्वस्थ शुरुआत कर पागी।

(डॉ. देबजानी बैनर्जी, विभागाध्यक्षडाइटिक्स, पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली से बातचीत पर आधारित)

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  • Web Title:You growing daughter needs your attention and nutrition