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Money Matters : बात हो पैसे की तो, सतर्कता है जरूरी

women and money management

अमूमन आर्थिक मामलों से जुड़े निर्णय लेने में महिलाएं अपने कदम पीछे कर लेती हैं। पर सुखमय भविष्य के लिए यह जरूरी है कि पैसों से जुड़े मामलों में भी आप सतर्कता बरतें। कैसे, बता रही हैं स्पर्धा रानी

पैसों की तो आपको समझ है। तभी तो इतनी कुशलता से आप घर संभाल रही हैं। पर क्या पैसों के निवेश और बचत को लेकर आपकी समझ भी इतनी ही अच्छी है? अगर आपका जवाब ‘ना’ है, तो आज से ही इस मामले में अपनी समझ को बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू कर दीजिए। यदि आप अपना भविष्य सुखमय रखना चाहती हैं, तो आपको निवेश और बचत के मामले में भी योजना बनाकर चलना होगा। यह रिटायरमेंट के बाद सुखी जीवन के लिए या फिर आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी है।

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आर्थिक मामलों पर पुनर्विचार 
सबसे पहले अपनी आमदनी और जिम्मेदारियों का लेखा-जोखा करें। आर्थिक मामलों की समीक्षा करने के बाद, यह जानने की कोशिश करें कि पैसा कैसे काम करता है? उदाहरण के लिए यदि आप क्रेडिट कार्ड का खर्च कम कर देती हैं, तो आपकी देनदारी कम हो जाएगी। सेल या एक पर एक फ्री का ऑफर पाकर अनावश्यक खरीदारी नहीं करने का अर्थ ज्यादा बचत होना है। इसके साथ ही आपकी बचत का एक उद्देश्य भी होना चाहिए , जैसे बच्चों की शिक्षा, नया घर, कार, ड्रीम हॉलिडे आदि। और यह भी विचार करें कि कितने समय तक बचत करने से आपके ऐसे लक्ष्य पूरे हो जाएंगे।

बजट बनाने की आदत 
आमतौर पर होता यह है कि आपका बजट तैयार तो होता है, पर आप इसके हिसाब से चलने में चूक कर देती हैं। जो चीज आपके बजट में नहीं है, उसे लेने की इच्छा करना गलत है। इससे आप कर्ज में पड़ सकती हैं और आमद में भी रुकावट आ सकती है। इसलिए अपने बैंक पासबुक को अपडेट करती रहें। अपने  क्रेडिट स्कोर की जानकारी भी रखें, ताकि पता चले कि आर्थिक रूप से आप कितने पानी में हैं। इस स्थिति में निरंतर सुधार का प्रयास करें। अपने बजट को भी नियमित रूप से अपडेट करें। बजट के हिसाब से चलेंगी, तो न केवल आपके सभी खर्चों को पूरा करने का भरोसा रहेगा, बल्कि आपके आर्थिक लक्ष्य भी पूरे हो जाएंगे।

परिवार से सलाह-मशविरा
बच्चों को भी बचत के लाभ अवश्य बताएं और उन्हें फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दें। उन्हें आर्थिक मामलों की बुनियादी बातें बता कर आप परिवार के आर्थिक लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर पाएंगी। घर का बजट हमेशा आपस में मिलकर बनाएं, ताकि घर के सभी सदस्य  बचत और खर्च करने में अपनी भागीदारी निभा सकें और जिम्मेदारी बराबर बंट जाए।

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सेहत के नाम पर बचत 
अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य योजना बनाने में तत्परता दिखाएं। आपको पता है कि आज इलाज कितना महंगा हो रहा है और कैसे चिकित्सा बीमा, खास कर मेडिकल इमरजेंसी में आपकी मदद करता है। इलाज के भारी खर्च से परिवार को आर्थिक संकट में जाने से बचाने के लिए बीमा में निवेश एक शानदार बचत है।

देनदारियां नहीं 
आर्थिक नियोजन के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट ऋण है। इसलिए बिलों का समय से भुगतान करें और सभी देनदारियां दूर कर लें। क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि पर बहुत ज्यादा ब्याज लगता है, इसलिए याद से इसका समय पर भुगतान करें। आपकी यह कोशिश हो कि लेनदारों को नकद भुगतान करना है और इस तरह ब्याज की रकम बचा लेना है।

रिटायरमेंट के लिए बचत की आदत 
रिटायरमेंट के लिए बचत करने से एक उम्र के बाद जब आप काम नहीं कर पाती हैं, तो भी आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है। इसलिए रिटायरमेंट प्लान जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड, एन्युइटी प्लान, नेशनल पेंशन स्कीम या फिर बीमा पॉलिसी में निवेश करें, जो पॉलिसी की परिपक्वता पर अच्छी रकम मिलने की गारंटी होती है।  

इमरजेंसी फंड भी है जरूरी 
जीवन में कोई भी समस्या पहले से बता कर नहीं आती है। ऐसे समय के लिए कुछ रकम अपने बचत खाते या नकद खाते में अलग से भी बचा कर रखें। यह आपका आकस्मिक कोष होगा, जो आकस्मिक समस्या में काम आएगा, जैसे नौकरी छूट जाने या किसी गंभीर बीमारी के इलाज आदि के समय। आप कम-से-कम छह माह से साल भर के सामान्य नियमित खर्चों के लिए पैसे अलग से सुरक्षित रख लें।  अगर आप पहले से कोई ईएमआई चुका रही हैं, तो इस कोष में ईएमआई की राशि भी शामिल होनी चाहिए। अगर आप ऐसा कर पाती हैं, तो कठिन-से -कठिन परिस्थितियों में भी इस रकम से आपके जरूरी खर्चे पूरे हो जाएंगे।

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  • Web Title:Money Matters why you need to be alert when it comes to money