Know what is stress eating and how it harm to our health and precautions - क्या आप भी करते हैं 'स्ट्रेस ईटिंग', जानें क्या हैं नुकसान और बचाव के उपाय DA Image

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क्या आप भी करते हैं 'स्ट्रेस ईटिंग', जानें क्या हैं नुकसान और बचाव के उपाय

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तनाव दौड़ती-भागती जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है। जीवन की रफ्तार पर असर डालने के साथ ही यह हमें कुछ बुरी लतों का शिकार भी बना देता है। ऐसी ही एक लत है, स्ट्रेस ईटिंग। इससे कैसे बचें, बता रही हैं स्वाति शर्मा

कसर कुछ लोगों को कहते सुना होगा कि बहुत गुस्सा आ रहा है तो दो रोटी ज्यादा खा लो। पर यह सिर्फ ताना देने भर की बात नहीं है। असल में भी तनावग्रस्त लोग जरूरत से ज्यादा खाते हैं।

अमेरिका के एक सर्वे में करीब 27 प्रतिशत लोगों ने स्वीकारा है कि वे तनाव दूर करने के लिए खाते हैं। वहीं 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे तनाव में ओवर ईटिंग करते हैं। नतीजा, खराब सेहत, टाइप टू डायबिटीज और मोटापा। हो सकता है कि तनाव दूर करने में आपको कुछ समय लग जाए, लेकिन इसके दूसरे नुकसान यानी स्ट्रेस ईटिंग से तो बचा जा सकता है।

क्यों होता है ऐसा?
कानपुर यूनिवर्सिटी की न्यूट्रिशनिस्ट  डॉ. भारती दीक्षित कहती हैं कि कुछ लोग तनाव होने पर खाना ही छोड़ देते हैं। ऐसा तब होता है, जब तनाव कम समय का हो, लेकिन यदि यह तनाव लंबा खिंचता है तो लोग ज्यादा मात्रा में खाने लगते हैं। लंबे तनाव के कारण शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन का स्राव अधिक होने लगता है, जो भूख को बढ़ा देता है। ऐसे में लोग खासतौर पर अधिक वसायुक्त या मीठा खाना खाते हैं।

खुद से करें सवाल-
तनाव में आप ज्यादा तो नहीं खा रहीं? इसके जवाब के लिए आपको खुद से कुछ सवाल करने होंगे। मसलन, क्या आप भूख नहीं लगने पर या पेट भरा होने पर भी खाना खा लेती हैं? तनाव के पलों में आप कितना खाना खाती हैं? क्या आप अच्छा महसूस होने के लिए खाती हैं? क्या भोजन आपको दोस्त की तरह लगता है या फिर उसे खाने से आपको सुरक्षित महसूस होने लगता है? अगर इन सबके जवाब हां हैं, तो समझ लीजिए कि आप स्ट्रेस ईटिंग की शिकार हैं।

अपनाएं सही खानपान-
हो सकता है, आप आसानी से स्ट्रेस ईटिंग की लत न छुड़ा पाएं। ऐसे में आपको सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है। खाना खाएं, पर सेहतमंद खाएं। डॉ. भारती इस बाबत कुछ सुझाव देती हैं। आप ओट्स खा सकती हैं। इसमें मौजूद सेरोटोनिन मस्तिष्क को शांत करता है। साबुत अनाज और अन्य कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स खा सकती हैं। इससे शुगर की समस्या का खतरा कम होगा। विटामिन-सी युक्त फल तनाव को कम करने के काम आते हैं। पालक और फैटी फिश भी कारगर है। ब्लैक-टी पीने से कॉर्टिसोल हार्मोन का स्राव कम हो जाता है। सूखे मेवे साथ रखें और तनाव होने पर उन्हें खाएं।

ऑफिस में भी रखें ध्यान-
भारत में कार्यक्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या तनाव है। ऐसे में स्ट्रेस ईटिंग होना भी लाजमी है। अगर आप यहां इसकी शिकार हैं तो कुछ तरीके आपको इस खराब आदत से पीछा छुड़ाने में काम आ सकते हैं।
-ऑफिस में लगातार बैठकर काम नहीं करें। मात्र 15 मिनट टहलने से तनाव दूर होता है। बाहर की ताजी हवा आपका मूड जल्दी बदल सकती है।
-अपने बायें नथुने से सांस लेना शुरू कर दें। ये एक तरह का प्राणायाम है, जो तनाव को दूर भगाता है।
-गहरी सांस लें, कुछ इस तरह कि वो आपके पेट में भर जाए। सांस मुंह से बाहर निकालें। कुछ देर ऐसा करने से मन शांत हो जाता है।
-व्यस्तता के कारण खाने से समझौता नहीं करें। समय पर खाना खाने से स्ट्रेस मैनेजमेंट में मदद मिलती है।
-मैग्नीशियम युक्त खाना खाएं। इससे किसी खास तरह का खाना खाने का मन होना बंद हो जाता है।
-यदि मन नहीं भी मान रहा तो कम-कम मात्रा में अपनी पसंदीदा चीज खाएं।
-जब भी किसी खास खानपान की ओर मन चले तो खुद का ध्यान बंटाने की कोशिश करें। इस दौरान आप अपना कोई पसंदीदा कार्य कर सकती हैं।
-व्यायाम और ध्यान तनाव और स्ट्रेस ईटिंग दोनों से ही दूर रखते हैं। इन्हें अपनी जीवनशैली का जरूरी हिस्सा बना लें।
 

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