DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आप अच्छी मां हैं या सफल?

आज की दुनिया में किसी काम में अच्छा होने या फिर सफल होने के बीच बहुत बड़ा अंतर होता है। जरूरी नहीं है कि अच्छे लोग ही सफल हों या फिर सफल लोग ही अच्छे। पर, रिश्तों में और वो भी खासतौर पर मां व बच्चे के बीच के रिश्ते में यह जरूरी हो जाता है कि अच्छाई की सफलता पर जीत हो। कहने का मतलब यह है कि एक अच्छी मां, एक सफल मां की तुलना में कई गुना ज्यादा बेहतर साबित होती है। एक अच्छी मां जानती हंै कि उसके बच्चे के लिए सबसे बेहतर निर्णय क्या हो सकता है और वो उसकी भलाई को ध्यान में रखकर उसकी जिंदगी से जुड़ा कोई भी निर्णय लेती हैं। एक अच्छी मां को यह मालूम होता है कि कब उन्हें बच्चे की मदद करनी है, कब उसे प्रोत्साहित करना है, कब अपने निर्णय में अड़ जाना है और कब उसकी जिद के सामने झुकना नहीं है।
वहीं दूसरी ओर एक सफल मां वो होती है जो बच्चे की हर बात, हर जिद बिना किसी सवाल के मान लेती है। सफल मां पेरेंटिंग से जुड़ा हर नया ट्रेंड अपनाने में फख्र महसूस करती है। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह नया ट्रेंड बच्चे के हित में है भी या नहीं या फिर बच्चे के ऊपर इसका क्या असर होगा। वो कई बार ऐसी चीजों को भी अपनी परवरिश का हिस्सा बना लेती है जो उनके परिवार या संस्कृति के अनुरूप नहीं होता। अब सवाल यह है कि आप कैसी मां हैं? एक अच्छी मां? या एक सफल मां? इस क्विज में भाग लीजिए और जानिए। अगर आप क्विज में असफल भी होती हैं तो इसे खुद को बेहतर बनाने के मौके के रूप में लें। समय रहते अपनी परवरिश के तरीकों में जरूरी सुधार लाएं, ताकि आप भी अच्छी मांओं की श्रेणी में खुद को शामिल कर सकें:

1. आप बच्चों से जुड़े हर व्हाट्सएप व फेसबुक ग्रुप का हिस्सा हैं। वहां होने वाली छोटी-से-छोटी चर्चा जैसे स्कूल में दाखिला, उन्हें किस तरीके के खिलौने दिए जाएं यहां तक कि बच्चों को कितने बजे सुलाया जाए भी...आपको तनाव से भर देता है।

2. बच्चों के साथ वक्त बिताने से आपका मतलब उनकी तसवीरों को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड करना भर होता है। असल में आप एक पल के लिए भी उनके साथ नहीं होतीं।

3. बच्चों के स्कूल में होने वाले फंक्शन में आपने आज तक अपने बच्चों की परफॉर्मेंस का मजा नहीं लिया है। आप हर वक्त उसके परफॉर्मेंस की रिकॉर्डिंग करने में व्यस्त रहती हैं।

4. आपका मानना है कि बच्चों की सुरक्षा का मतलब है  घर में सीसीटीवी कैमरे लगा देना, उन्हें जीपीएस वाली रिस्ट बैंड पहनने के लिए देना या फिर हर एक घंटे पर फोन करके घर पर उनकी खैरियत पूछना। आपके लिए बच्चे की सुरक्षा का एकमात्र मतलब हर पल यह जानना है कि वह कहां है और क्या कर रहा है?

5. आपने आज तक हाथ पकड़कर होमवर्क करवाने में बच्चे की मदद नहीं की है क्योंकि आपका मानना है कि हाथ पकड़कर लिखवाने से बेहतर है कि बच्चे को बोलकर निर्देश दिए जाएं। 

6. आपने आज तक कभी गुस्से में अपने बच्चे पर हाथ नहीं उठाया है।

7. आप इस बात का खास ध्यान रखती हैं कि आपका बच्चा अपने पापा के साथ हर दिन कुछ वक्त बिताए और इस दौरान आप उन दोनों को बिल्कुल भी परेशान नहीं करती हैं।

8. अपने बच्चे के लिए जब आप जन्मदिन की पार्टी का आयोजन करती हैं तो इस बात का खास ध्यान रखती हैं कि उस दौरान जो गाने बजाए जाएं, वो बच्चे की उम्र के अनुकूल हों। गेम्स का चुनाव भी आप बच्चे की उम्र के अनुरूप ही करती हैं और ध्यान रखती हैं कि बच्चों के साथ बच्चे जैसा ही बर्ताव किया जाए।

9. आप अपने बच्चों की दोस्त बनने की कोशिश कभी नहीं करती हैं। बच्चे के साथ दोस्ती का रिश्ता बनाने में आपका विश्वास नहीं है।

10. बच्चे के स्कूल में चाहे जब भी कोई आयोजन या मीटिंग हो, आप उसमें जरूर शामिल होती हैं क्योंकि आपका मानना है कि आप मां पहले हैं, कामकाजी मां उसके बाद हैं।

11. बच्चे के लिए स्कूल का चुनाव करते वक्त आप अखबार में शानदार विज्ञापन, सीसीटीवी कैमरा आदि की जगह क्लासरूम का आकार, टॉयलेट की साफ-सफाई, अच्छी टीचर आदि को ज्यादा प्राथमिकता देती हैं। आपका मानना है कि अगर स्कूल की प्रिंसिपल और टीचर अच्छी होंगी तो वहां न सिर्फ बच्चे का भविष्य बेहतर होगा बल्कि उनकी सुरक्षा की चिंता भी आपको नहीं करनी पड़ेगी।

12. आप कभी भी अपने बच्चे का दाखिला ऐसे स्कूल में नहीं करवाएंगी, जहां एडमिशन से पहले बच्चे का इंटरव्यू लिया जाता है। आपका मानना है कि जिस स्कूल में टीचर अच्छे नहीं होते, वहीं इस तरीके से बच्चे का दाखिला लिया जाता है ताकि स्कूल की इमेज कभी खराब न हो।

13. आप चाहती हैं कि बच्चा दिन भर व्यस्त रहे इसलिए आपने तरह-तरह की हॉबी क्लास में उसका दाखिला करवा दिया है। आप तो उसे कुछ और चीजें भी सिखाना चाहती हैं, पर दिक्कत यह है कि उसकी उम्र ही अभी मात्र चार साल है।

14. तरह-तरह के ट्रेंड्स को अपनाने की जगह आप विज्ञान व तथ्यों पर विश्वास करती हैं, इसलिए आपको मालूम है कि किनकी बातों पर विश्वास करना चाहिए और कब अपने दिल की बातों को मानना चाहिए।

15. आप कभी भी अपने अपराध बोध को दूर करने के लिए बच्चे की जिद को पूरा नहीं करती हैं। आपका मानना है कि एक अपराध बोध से ग्रस्त मां कभी भी अपने बच्चे को खुशहाल परवरिश नहीं दे पाएगी,  इसलिए आप बच्चे की खुशियों से पहले अपनी खुशियों को तरजीह देती हैं।

परिणाम
अगर 15 में से आठ सवालों के जवाब भी आपने सही दिए हैं तो इसका मतलब है कि आप इस टेस्ट में पास हो गई हैं और आप भी एक अच्छी मां हैं:
1.    नहीं  2. नहीं  3.नहीं  4.नहीं  5. हां  6.हां  7.हां  8.हां  9.हां  10.हां  11.हां  12.हां  13.नहीं  14.हां  15. हां

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Are you a good mother or successful mother