DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अपनाइए प्रियंका चोपड़ा के कामयाबी के 12 नियम, बदलिए अपनी जिंदगी

मैं महत्वाकांक्षी हूं और मैंने चाहा कि सबकुछ पा लूं। इस सपने को पाने की चाह में मैंने पूरी दुनिया घूम ली। मेरे विचार से कामयाबी के तीन सूत्र हैं। पहला मजबूती के साथ कदम बढ़ाना, दूसरा निडर होना और तीसरा गलती करने से न डरना। मैं मानती हूं कि महिलाओं को बड़े सपने देखने चाहिए। मेरे विचार में सिर्फ अपनी सीमाओं से आगे बढ़ जाने और पुरुषों के बराबर खड़े होने की सोच खुद को सीमित करने वाली है। मैं सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि उन्हें उनके लिए तय की गई सीमाओं से कहीं आगे जाने का लक्ष्य अपने लिए रखना चाहिए। 

आप जैसा कोई और नहीं है

यह समझने का प्रयास कीजिए कि क्या चीज आपको औरों से अलग बनाती है। दरअसल वही चीज आपकी विशेषता है। आप जो चाहती हैं, उसे हासिल करने का प्रयास कीजिए, वह नहीं, जिसकी पुरुष सत्तात्मक समाज आपसे अपेक्षा करता है। बदलाव से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि वही शाश्वत है। अपने सपनों को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाइए। मैंने कभी एरोनॉटिकल इंजीनियर बनने के बारे में सोचा था। आज मैं जो कुछ भी हूं और जहां भी पहुंच सकी हूं, वह इसीलिए संभव हुआ, क्योंकि मैंने अपनी क्षमताओं को समझा। आप भी अपनी काबिलियत पहचानिए।

सपनों को पंख दीजिए

अपने सपनों को पाना आपको चाहे जितना भी मुश्किल लगे, उनमें विश्वास कीजिए। जो भी मौके मिले, उनका फायदा उठाइए। मौकों को पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मौके आपको बार-बार नहीं मिलेंगे। अपने सपनों की राह पर निडर होकर आगे बढ़िए।

महत्वाकांक्षाओं के लिए पछतावा कैसा

नई संभावनाएं तलाशने की दिशा में आप जो भी प्रयास करेंगी, वे कभी पर्याप्त नहीं होंगे और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। इसीलिए आप जो पाना चाहती हैं, चाहे वह आपकी महत्वाकांक्षा हो या करियर, उसके लिए मन में पछतावे का भाव नहीं लाएं।

बनिए स्वार्थी 

अपने सपनों को सच करने के लिए आपको अपने हितों के बारे में सबसे पहले सोचना होगा। आप जो चाहें, वह पा सकती हैं। आपमें इतना सामथ्र्य है कि आप बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल कर सकती हैं। इसीलिए अपने लक्ष्यों को पाने का ध्येय बनाए रखिए।

ना करें समझौते

दूसरों के पैमानों पर चलने के बजाय अपने आदर्श खुद तय करिए। किसी और को यह निर्णय लेने का अधिकार मत दीजिए कि आप कैसा जीवन जियेंगी। अपने सपनों को पूरा करने के लिए जितना संभव हो, संघर्ष करिए और उन्हें पूरा करके ही दम लीजिए।

हारने से डर कैसा?

हारना आपको चाहे जितना भी बुरा लगे, लेकिन सच यही है कि हम सभी अपने जीवन में कभी न कभी हार ही जाते हैं। असफलता से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका है खुद को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना। जीवन में आपने जो भी कष्ट झेले, जितनी भी तकलीफें सहीं, उन्हें मन से पूरी तरह बाहर निकालकर नए अंदाज र्में ंजदगी जीने की उम्मीद जगाइए। 

बनिए साहसी 

जीवन में आगे बढ़ना है तो थोड़े-बहुत जोखिम आपको उठाने ही चाहिए। अगर आप सोच-समझकर कुछ नया करने का प्रयास करती हैं तो निश्चित रूप से उसका सकारात्मक परिणाम  मिलेगा। मुझे याद आता है कि मैंने हमेशा अपने लिए लीक से हटकर फैसले लिए। ‘ऐतराज’ फिल्म में मैंने नेगेटिव रोल किया, इसके बाद ‘फैशन’ फिल्म में ऐसा किरदार निभाया, जो पूरी तरह नारी प्रधान था। बॉलीवुड में मेरे लिए जब सबकुछ अच्छा चल रहा था, उसी दौरान मैं ‘क्वांटिको’ के लिए अमेरिका चली गई। ये सभी फैसले जीवन में एक तरह का जुआ थे, लेकिन वे मेरे लिए मील का पत्थर साबित हुए। 

सकारात्मकता बनाए रखिए

अपने आसपास हंसी-खुशी का माहौल बनाए रखिए। अगर आपके दोस्त, सहकर्मी और परिवार वाले सकारात्मक रहते हैं, आप पर यकीन करते हैं तो इसका असर आप पर भी अच्छा होगा। आप खुश रहेंगी और बेकार की चीजों में आपकी ऊर्जा बर्बाद नहीं होगी। 

सबको खुश रखना संभव नहीं

आप अपनी तरफ से कितने ही प्रयास क्यों न करें, लेकिन कभी-कभी ऐसे क्षण आ ही जाते हैं कि लोग नाराज हो जाते हैं, आपसे कड़वी बातें बोलते हैं, आपको दुख पहुंचाते हैं। ऐसी सभी चीजें, विशेष रूप से सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया पर आपको ध्यान नहीं देना चाहिए। 

बहुत गंभीर होने की जरूरत नहीं

उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अगर अभी आप मुश्किलों से जूझ रही हैं तो जरूरी नहीं कि वह स्थिति हमेशा ही रहे। इसीलिए परेशानियों में भी सहज रहने का प्रयास करें। मुश्किल हालात को हल्के-फुल्के  तरीके से लेना चाहिए। आप अपनी जिंदगी में चाहे कितनी भी परेशानी क्यों न झेल रही हों, कभी भी इस वजह से दूसरों के साथ अपना व्यवहार खराब न करें। हर परिस्थिति में विनम्र और दयालु बनी रहें।

समाज के लिए सोचिए

लोगों के लिए मन में धारणाएं मत बनाइए। जितना संभव हो, दूसरों की मदद कीजिए। ऐसे भी बहुत से लोग होंगे, जो आपके जितने भाग्यशाली नहीं होंगे। आपको अपने जीवन में जो कुछ भी मिला है, उसके लिए आभारी रहिए। 

अपनी जड़ों को मत भूलिए

अगर आप अपनी मेहनत और लगन से सफल हो जाती हैं, तो भी अपनी जड़ों को मत भूलिए। अपनी पहचान खुद से कभी जुदा मत होने दीजिए। अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति को कभी मत भूलिए।
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:follow priyanka chopra rules for success and change your own life