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ये हैं वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी इनसे प्रेरणा लेते हैं लोग

ये हैं  वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग
ये हैं वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान की तस्‍वीर वोग मैगजीन के कवर पेज पर छपने से पूरी फिल्‍म इंडस्‍ट्री में तहलका मचा हुआ है। सुहाना की तस्‍वीर वोग के कवर पर आना बुरी बात नहीं है या उसने किसी को आहत नहीं किया है। मगर सवाल यह उठता है कि ऐसी कई भारतीय महिलाएं हैं, जिनके कारनामे किसी मैगजीन के कवर पर तो नहीं आए, मगर जहन में अपनी छाप छोड़ गए। छाप भी ऐसी किसी कि उससे पूरी पीढ़ी प्रोत्‍साहित होती है। इन भारतीय महिलाओं के कारनामे किसी मैगजीन के कवर पर आने के मोहताज नहीं हैं। मगर यह किसी से कम भी नहीं हैं। महिलाएं जब किसी पत्रिका के कवर पेज पर स्‍थान पाती हैं, तो उन्‍हें रोल मॉडल की तरह देखा जाता है, जिससे लोग प्रेरणा लेते हैं। इनमें से कुछ महिलाओं के बारे में यहां बता रहे हैं :  

1.बेबी हलदर 
बेबी हलदर बालिका वधु थी, और वह महज 13 साल की उम्र में ही मां बन गई। घरेलू हिंसा की शिकार बेबी घरों में काम भी किया करती थी। उसकी ऑटोबायोग्राफी आलो आंधरी का 20 भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। उसके बाद से उसने दो और किताबें लिखी हैं।

2.हिमा दास 
हिमा दास पहली भारतीय महिला हैं, जिन्‍होंने वर्ल्‍ड यू-20 चैंपियनशिप 2018 में ट्रैक ईवेंट में गोल्‍ड मेडल जीता था। वह इस प्रतिस्‍पर्धा में हिस्‍सा लेने के लिए सिर्फ पिछले 18 महीनों से तैयारी कर रही थीं। 

3. स्‍मृति मंधाना
22 साल की स्मृति अंततराष्‍ट्रीय क्रिकेट में वन डे मैच में डबल सेंचुरी लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। उन्‍हें जून 2018 में बीसीसीआई ने बेस्‍ट वुमेन इंटरनेशनल क्रिकेटर के खिताब से नवाजा है। 


4.दीपिका एस. राजावट
दीपिका कठुआ बलात्‍कार मामले में पीड़ित पक्ष की वकील हैं। उन्‍हें देशद्रोही करार दिए जाने के अलावा बलात्‍कार जैसी धमकियां भी मिलीं, इस केस की पैरवी करने के लिए। मगर उन्‍होंने रास्‍ते नहीं बदले।

5.दीपा मलिक 
दीपा पैरालिंपिक गेम्‍स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिल खिलाड़ी हैं। दीपा एफ-53 जैवेलिन श्रेणी में दुनिया में पहले नंबर पर हैं। वह 8 दिन की रेड द हिमालया 1700 किलोमीटर की सब जीरो तापमान पर 18000 फीट की ऊंचाई पर ड्राइव करने का चैलेंज भी पूरा कर चुकी हैं।

6.अनु आघा 
अनु टीच फॉर इंडिया गैर लाभकारी संगठन की मौजूदा अध्‍यक्ष हैं। वह खुद की मेहनत से अरबपति बनने वाली महिलाओं में शुमार हैं और उन्हें 2007 में फोर्ब्‍स की 40 अमीर भारतीयों की सूची में भी शुमार किया गया था। अनु को सामाजिक कार्यों के लिए पद्मश्री से भी सम्‍मानित किया जा चुका है। उन्‍होंने 1996 से 2004 के बीच थर्मेक्‍स लिमिटेड के अध्‍यक्ष का पद भी संभाला है। 

7.मलवथ पूर्णा
2014 में महज 13 साल और 11 महीने की उम्र में पूर्णा ने सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्‍ट फतह कर सबसे कम उम्र की पर्वतारोही होने का खिताब अपने नाम दर्ज किया। पिछले साल पूर्णा माउंट एलब्रस पर भी उन्‍होंने भारतीय झंडा फहरा दिया। 


8.मेनका गुरुस्‍वामी
मेनका सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और सेक्‍शन 377 के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ने वाली पुरुष अधिवक्‍ताओं की टीम में अकेली महिला वकील हैं। ऑक्‍सफोर्ड यूनीवर्सिटी से पासआउट मेनका न्‍यूयॉर्क स्‍थित लॉ फर्म में काम कर रही थीं, जब उन्‍होंने अचानक भारत लौटने और यहां प्रैक्‍टिस करने का फैसला किया। यहां वह भारतीय संवैधानिक अधिकारों के मामले देखती हैं। 

9.अक्‍कई पद्मशाली
अक्‍कई का जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्‍होंने 12 साल की उम्र में आत्‍महत्‍या करने की कोशिश की, 4 साल तक बतौर सेक्‍स वर्कर काम करने वाली अक्‍कई ट्रांसजेंडर हैं और बेंगलुरु की सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। आज वह धारा 377 के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले चंद लोगों में शुमार हैं। लैंगिक विविधता के बारे में जागरूकता फैलाने वाली संस्‍था ओंदेदे की संस्‍थापक सदस्‍य भी हैं। वह कर्नाटक राज्‍योत्‍व सम्‍मान पाने वाली पहली ट्रांसजेंडर भी हैं। 

10.तानिया सचदेव
तानिया ने 6 साल की उम्र से चेस खेलना शुरू किया और इंटरनेशनल मास्‍टर और वुमन ग्रैंडमास्‍टर टाइटिल अपने नाम दर्ज कर चुकी हैं। कई टूर्नामेंट खेल चुकीं तानिया को 2009 में अर्जुन पुरस्‍कार भी प्रदान किया जा चुका है। 

 ये हैं  वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग
ये हैं वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग

11.रानी रामपाल
रानी भारतीय महिला हॉकी टीम की मौजूदा कप्‍तान हैं। रानी सिर्फ 15 साल की थीं जब वह हॉकी वर्ल्‍ड कप 2010 में खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्‍सा बनीं। उन्‍हें अर्जुन अवॉर्ड और 2013 जूनियर वर्ल्‍ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। इस स्‍पर्धा में भारत ने ब्रांज मेडल जीता था। 


12. संजुक्‍ता पराशर
संजुक्‍ता असम की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्‍होंने 6 बोडो आतंकियों को मार गिराया और 15 महीने में 16 को गिरफ्तार कर लिया।

13.सीमा राव
सीमा को भारत की वंडर वुमन भी कहा जाता है। वह देश की अकेली महिला कमांडो ट्रेनर हैं, जो देश की स्‍पेशल फोर्सेज को 18 साल से प्रशिक्षण दे रही हैं, वो भी बिना किसी महनताने के। अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सेठ यह 3 बेहद प्रतिभावान महिलाएं हैं, जिन्‍हें मिग 21 बाइसन फाइटर प्‍लेन उड़ाने का गौरव हासिल है। तीनों ने लैंगिक असमानता के आगे घुटने टेकने की बजाय ऐसे रास्‍ते को चुना, जहां महिलाओं के कदम नहीं पड़े थे। एनी दिव्‍या 2017 में 30 साल की उम्र में एनी दिव्‍या बोइंग 777 उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला कमांडर बनीं। बोइंग 777 दुनिया का सबसे बड़ा ट्विन जेट विमान है। 


14.कल्‍पना सरोज
12 साल की उम्र में शादी के लिए मजबूर की गईं कल्‍पना ने घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद की और अपनी मेहनत से 10 करोड़ डॉलर की कंपनी की मालकिन बनीं।

15.वृंदा ग्रोवर
वृंदा महिला अधिकारों की कार्यकर्ता हैं, एक वकील हैं और 2013 में टाइम्‍स पत्रिका के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में उनका नाम भी शामिल था। उन्‍होंने लगातार घरेलू और लैंगिक हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद की है। वह ग्रीनपीस बोर्ड की सदस्‍य भी हैं।  


16.कविता कृष्‍णन
कविता ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेन्स एसोसिएशन (एआईपीडब्‍लूए) की सचिव हैं और महिलाओं अधिकारों की वक्‍ता हैं। 16 दिसंबर के गैंगरेप मामले में आवाज बुलंद करने वाली वह सबसे मजबूत हस्‍ती थीं। 


17.सुनीता कृष्‍णन
सुनीता एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और प्रज्‍वला एनजीओ की सह संस्‍थापक भी हैं। उनकी संस्‍था सेक्‍स ट्रैफिकिंग की शिकार महिलाओं के पुनर्वास और पुन:एकीकरण के लिए काम करती है। उनकी उम्र महज 8 साल की थी जब उन्‍होंने सामाजिक कार्यों के लिए आवाज उठाना शुरू किया। उन्‍हें पद्मश्री सम्‍मान भी दिया जा चुका है। 

18.गुनीत मोंगा
गुनीत भारतीय फिल्‍म प्रोड्यूसर हैं, जिन्‍होंने सिख्‍या एंटरटेनमेंट की स्‍थापना की है। उनके प्रोडक्‍शन हाउस के बैनर तले मसान, गैंग्‍स ऑफ वासेपुर, द लंचबॉक्‍स जैसी फिल्‍में बन चुकी हैं। उन्‍हें भारतीय फिल्‍म उद्योग का सबसे सफल प्रोड्यूसर करार दिया जा चुका है, जिसने 10 साल में 20 से ज्‍यादा फिल्‍मों का निर्माण किया। 


19.गीता टंडन
गीता की शादी 15 साल की उम्र में कर दी गई थी। उन्‍होंने घरेलू हिंसा, यौन शोषण जैसी विकृतियों को झेला, मगर बॉलीवुड सबसे नामचीन स्‍टंटवुमन बनकर उभरीं। उनके पास 10 साल से अधिक समय का अनुभव है। 


20.मंगला मणि
मंगला की उम्र 56 साल है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र इसरो की पहली महिला वैज्ञानिक हैं, जिसने अंटार्कटिका के बर्फीले वातावरण में 403 दिन गुजारे हैं। वह 23 सदस्‍यों वाली टीम भारती में शामिल थीं जो अंटार्कटिका स्‍थित भारतीय रिसर्च स्‍टेशन पर तैनात रहा था। इस टीम में वह अकेली महिला थीं। 

 ये हैं  वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग
ये हैं वो 25 रोल मॉडल महिलाएं जो किसी मैग्जीन के कवर पर तो नहीं आईं, फिर भी प्रेरणा लेते हैं लोग

21. आरती बजाज 
आरती ने अनुराग कश्‍यप की फिल्‍म पांच से फिल्‍म एडिटिंग की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद से 15 साल के दौरान वह 25 से ज्‍यादा फिल्‍मों में काम कर चुकी हैं। इनमें जब वी मेट और इश्‍कजादे जैसी फिल्‍मों का नाम लिया जा सकता है। वह नेटफ्लिक्‍स पर आने वाली सेकरेड गेम्‍स सिरीज की भी एडिटर थीं।

22. अंजू पी.एस. 
अंजू भारत की पहली महिला लाइव साउंड इंजीनियर हैं और उन्‍होंने 7 साल के दौरान 50 से भी ज्‍यादा कार्यक्रमों के काम किया है। इसमें 2013 में हुई आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी और इसी साल दुबई में हुई एआर रहमान की कंसर्ट भी शामिल है। 


23. शर्मिष्‍ठा रॉय 
शर्मिष्‍ठा एक आर्ट डायरेक्‍टर और प्रोडक्‍शन डिजाइनर हैं। उन्‍होंने अपना खुद का काम शुरू करने से पहले अपने पिता बिमल रॉय को भी असिस्‍ट किया है। उन्‍होंने अब तक 24 से ज्‍यादा फिल्‍मों में काम किया है और उन्‍हें दिल तो पागल है, कुछ कुछ होता है और कभी खुशी कभी गम के लिए फिल्‍मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्‍ट आर्ट डायरेक्‍शन भी मिल चुका है।

24.दीपिका पल्‍लिकल

दीपिका भारत की मशहूर महिला स्‍क्‍वाश खिलाड़ी हैं। दीपिका के नाम 3 डब्‍लूआईएसपीए टूर टाइटिल दर्ज हैं। वह पीएसए वुमेन्‍स रैंकिंग के टॉप 10 खिलाड़ियों में जगह बनाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। 

25.नंदिता दास 
नंदिता भारतीय फिल्‍म इंडस्‍ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्‍होंने कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है चाहे वह इंडस्‍ट्री में रंगभेद का मामला हो। वह दो बार कान फिल्‍म समारोहों की ज्‍यूरी में भी शामिल रह चुकी हैं। वह वाशिंगटन डीसी स्‍थित इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम ऑफ द इंटरनेशनल वुमेन्‍स फोरम में शामिली होने वाली पहली भारतीय हैं।

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  • Web Title:women who did not appear on any magzines cover but more courageous