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पैरेंटिंग: याददाश्त बढ़ाने के लिए बच्चे के साथ करें ये दिमागी कसरतें

याद रहेगा, तभी तो आगे बढ़ेगा’, इस तरह की ना जाने कितनी पंचलाइन आप और हम हर दिन टीवी पर आने वाले तरह-तरह के विज्ञापनों में सुनते और देखते हैं। अमूमन, इस तरह की पंचलाइन बच्चों की शारीरिक और मानसिक विकास का दावा करने वाले एनर्जी ड्रिंक्स के विज्ञापन की ही होती हैं। पंचलाइन सुनकर आप किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल तो शुरू कर सकती हैं, पर वो प्रभावी होगा या नहीं, इस बात की गारंटी नहीं ली जा सकती। ऐसे में सवाल यह उठता है कि बच्चे की याददाश्त बचपन से ही तेज कैसे रखी जाए? आप अपने बच्चे की डाइट का ध्यान तो जरूर रखती होंगी, पर क्या सिर्फ इससे काम चल जाएगा? याददाश्त बढ़ाने के लिए आपको बच्चे के साथ कुछ छोटी-छोटी दिमागी कसरतें भी करनी होंगी :

 

जहां गए थे वहां क्या-क्या देखा?
आप कल ही शहर के नए वाले रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। बॉलीवुड से प्रेरित और फिल्मी सितारों के चित्रों वाले इस रेस्टोरेंट में क्या-क्या खास था, यह आपको याद है। पर ,यहीं से बच्चे की याददाश्त को बेहतर बनाने का आइडिया भी आपको मिल सकता है। घर लौटने के बाद आप बच्चे से रेस्टोरेंट से जुड़ी कुछ बातें पूछिए। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. आराधना गुप्ता कहती हैं कि बस ध्यान रखियेगा, आप जो सवाल बच्चों से पूछें उनके जवाब आपको भी याद हों। जैसे रेस्टोरेंट में लाल रंग की फोटो किस अभिनेता की थी? या हम लोग हॉल में बाएं बैठे थे या दाएं? 

लेफ्ट-राइट मेमोरी पर भी हो काम
लेफ्ट-राइट एक्सरसाइज याददाश्त बढ़ाने का बेहद खास तरीका है। इसमें बच्चे के सामने कई सारे खिलौने रखे होते हैं और उन्हें उन खिलौनों को दाईं या बाईं ओर रखने के लिए कहा जाता है। डॉ. आराधना कहती हैं, ‘उदाहरण के लिए बच्चे को कुछ गेंदें दीजिए और उन्हें दाईं ओर रखी टोकरी में रखने के लिए कहिए। दूसरे दिन भी उसे गेंद को वहीं रखने के लिए कहिए, पर तीसरे दिन गेंदों को बाईं ओर रखने के लिए कह दीजिए।  बच्चे का हाथ पहले दाईं ओर ही बढ़ेगा। पर, लगातार इस तरह के एक्सरसाइज से उसकी मानसिक सतर्कता और याददाश्त मजबूत होगी।’

शब्दों के खेल 
जैसा कि आप जानती ही हैं कि इंग्लिश भाषा में दो तरह के अक्षर होते हैं, स्वर और व्यंजन। स्वर यानी वॉवेल मतलब a, e, i, o, u  । अब पढ़ाई के बाद आपको बच्चे के साथ इन्हीं वॉवेल से जुड़ा खेल खेलना है। कागज पर एक बॉक्स बनाएं और उसमें अंग्रेजी के कुछ अक्षर लिखें। बच्चे से उन शब्दों को काटने के लिए कहें, जिसमें वॉवेल न हों। डॉ. आराधना कहती हैं कि इस तरह से बच्चे की अंग्रेजी तो अच्छी होगी ही, उसकी दिमागी एक्सरसाइज भी होगी।

घर के कामों में लगाएं 
किचेन में काम करते हुए बच्चे को भी काम में शामिल कीजिए। उन्हें कुकिंग से जुड़े छोटे-छोटे काम करने के लिए बोलें ताकि वो जान जाएं कि कौन-सी चीज कहां रखी है? अब अगले दिन उन्हें फिर से वही चीजें आपको रसोई से लाकर देने के लिए कहें। इससे होगा यह कि आपको पता चलेगा कि चीजें कहां रखी हैं, बच्चे को यह याद भी है या नहीं। जैसे आप बच्चे से प्याज लाने के लिए बोलिए। अगले दिन जब वो फिर यही काम करेगा तो दिमाग पर जोर डालेगा कि मां ने प्याज कहां रखे थे। 

नंबर गेम का कमाल
डिजिट स्पैन मतलब वो एक्सरसाइज जो बच्चे की याददाश्त बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। इसके लिए बच्चे के सामने कुछ अंक बोलिए और उन्हें याद करने के लिए कहिए। अगले दिन बच्चे को आपको वो सारे अंक बताने होंगे। डॉ. आराधना कहती हैं, ‘इसके लिए फोन नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप कोई ऐसा नंबर बच्चे के सामने बोलिए जो उसे याद कराना ही हो। अब अगले कुछ दिनों तक बच्चे से वह नंबर नियमित रूप से पूछती रहें। खेल-खेल में उसकी याददाश्त बढ़ेगी।’ 

ड्राअर करेगी मदद
इस एक्सरसाइज में बच्चा बेडरूम में ही कहीं भी अपना पसंदीदा खिलौना रख कर आएगा और दूसरे दिन उसे वहां से लेकर भी आएगा। वो भूल ना पाए, इसके लिए आपको हिंट देते रहने होंगे। डॉ. आराधना कहती हैं, ‘बच्चे से कहिए कि वो बेडरूम की तीसरी ड्राअर में अपना खिलौना रखे। कुछ देर बाद या दूसरे दिन उससे वही खिलौना लाने के लिए बोलें। इस तरह से वो जब भी अपना सामान कहीं रखेगा तो जगह याद रखेगा। दोबारा उसे वो जगह सोचनी नहीं पड़ेगी।’
 

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  • Web Title:Useful tips to improve child’s memory