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मोटापे से मुक्ति: ये चीजे खाएंगे तो कम हो जाएगा मोटापा

मोटापा हमारी खान-पान की गलत आदतों और जीवनशैली में आए बदलाव का परिणाम है। अपने आसपास नजर दौड़ाएं तो आज समाज में बड़े ही नहीं, बच्चे भी बड़ी संख्या में मोटापे का शिकार हैं। लेकिन अपनी सेहत के प्रति जागरूक लोग अपने मोटापे से छुटकारा पाने और फिट होने की पुरजोर कोशिश में भी जुटे हैं। एक तरफ जहां ये लोग खुद को फिट रखने के लिए डाइट कंट्रोल या डाइटिंग का सहारा लेते हैं, वहीं फिटनेस और योग सेंटर्स में विशेषज्ञों की निगरानी में घंटों पसीना बहाते हैं। फिर भी ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं, जो मोटापे से मुक्ति को लेकर संजीदा नहीं दिखते।  ऐसे लोग ये भी मान बैठते हैं कि इस पर काबू पाना उनके लिए संभव नहीं। हालांकि इस पर काबू पाना बहुत कठिन नहीं। 
हैं अनेक कारगर उपाय

नीबू और शहद
सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में नीबू का रस और शहद मिलाकर पीना कारगर उपाय माना जाता है। इसमें काली मिर्च भी मिला सकते हैं।

ग्रीन जूस
50 ग्राम हरा धनिया, एक टुकड़ा अदरक, 20 ग्राम करेला, 2 चम्मच नीबू का रस, 5-6 कड़ी पत्ते, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर को मिक्सी में एक-डेढ़ गिलास पानी मिलाकर पीस लें। छानकर सुबह खाली पेट पिएं।

शहद और अदरक का रस
अदरक को कद्दूकस करके निकाले गए दो चम्मच रस को गर्म पानी में शहद के साथ मिलाकर लें।

त्रिफला वॉटर
रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला पाउडर भिगो दें। सुबह छान कर उस पानी को सामान्य तापमान पर या हल्का गर्म करके पिएं। आप चाहें तो इसमें काली मिर्च और नीबू का रस भी मिला सकते हैं।

आयुर्वेदिक पंच
60 ग्राम अर्जुन छाल, 100 ग्राम ग्रीन टी, 100 ग्राम त्रिफला, 50 ग्राम पीपली, 100 ग्राम जीरा, 40 ग्राम गुगुल, 40 ग्राम सौंठ, 10 ग्राम काली मिर्च, 50 ग्राम दारुहल्दी, 50 ग्राम काला जीरा, 60 ग्राम धनिया को मिलाकर पीस लें और किसी मर्तबान में रख दें। सुबह खाली पेट और रात को खाना खाने से 30 मिनट पहले दो चम्मच तैयार मिश्रण लेकर दो गिलास पानी में उबालें। पानी आधा रह जाने पर तैयार काढ़े को छान कर थोड़ा ठंडा करके पिएं।

सौंठ पाउडर वॉटर
रोज सुबह दो लीटर पानी में आधा चम्मच सौंठ पाउडर डालकर पांच मिनट उबालें। ठंडा होने पर इसमें एक नीबू का रस डालें। तैयार पानी बोतल में भर लें। पूरे दिन यही पानी पिएं।

खीरा-नीबू वॉटर
कद्दूकस किया आधा खीरा, एक नीबू, पुदीने के 10-12 पत्तों को एक गिलास पानी में डाल कर रात भर रखें। सुबह छान कर इसमें एक चुटकी सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर पिएं। आप इसमें अदरक का रस भी मिला सकते हैं।

दालचीनी-शहद-नीबू वॉटर
एक गिलास गर्म पानी में एक-चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर को शहद और नीबू का रस मिलाकर पीना फायदेमंद है।

एलोवेरा वॉटर
एक कप ताजे एलोवेरा जेल में दो संतरे का जूस, आधा नीबू, पुदीने के पत्ते मिलाकर तैयार जूस फैट बर्न करने में कारगर है।

एप्पल विनेगर
एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल विनेगर और नीबू रस मिलाकर सुबह खाली पेट लें। दिन में दो चम्मच से ज्यादा एप्पल विनेगर का सेवन न करें।

अलसी का काढ़ा
दो चम्मच अलसी के बीजों को दो कप पानी में मिक्स करें और आधा रह जाने तक उबालें। तैयार काढ़ा छान लें और थोड़ा ठंडा होने पर पिएं।

टमाटर का जूस
चार टमाटर के जूस में हरा धनिया और पुदीने के पत्ते मिलाकर मिक्सी में पीस लें। काली मिर्च व सेंधा नमक मिलाकर पिएं।

हल्दी और नीबू रस
एक गिलास गुनगुने पानी में आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा नीबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट लें।

जीरा और नीबू
रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा भिगोएं। सुबह छान कर जीरा चबा कर खा लें और पानी को गर्म करके नीबू का रस मिलाकर पिएं।

अजवायन वॉटर
10 ग्राम अजवायन को रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह पानी छान कर उसे हल्का गर्म करें। एक चम्मच शहद मिला कर खाली पेट पिएं।

एप्पल विनेगर और अंजीर
अंजीर के 3-4 दाने एक कटोरी विनेगर में रात को भिगो दें। सुबह अंजीर को निकाल कर चबा-चबा कर खा लें। बचे विनेगर में 6-7 दिन तक अंजीर को भिगोते रहें।

करेले का जूस
चार करेले के बीज निकाल लें और अदरक का टुकड़ा पीस लें। उससे मिक्सी की सहायता से जूस निकाल लें और छानकर पिएं।

हरे धनिए का जूस
100 ग्राम ताजा हरा धनिया साफ करके मिक्सी में एक गिलास पानी में पीसें। इसमें करेले का जूस, नीबू का रस, काली मिर्च-दालचीनी-लौंग पाउडर, सेंधा नमक और शहद भी मिला सकते हैं।

आयुर्वेद में मोटापे का उपाय
मोटापे को काबू करने के लिए आयुर्वेद में सदियों से कई प्रकार की जड़ी-बूटियां और घर में इस्तेमाल होने वाली चीजें मिला कर तैयार ड्रिंक्स या काढ़े सुझाए गए हैं। आहार विशेषज्ञ मोटापा कम करने के लिए डिटॉक्स इन्फ्यूज वॉटर का सेवन करके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने की सलाह देते हैं। इनमें इस्तेमाल की जाने वाली अधिकतर चीजें एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं, जो शरीर में फैट बर्निंग की प्रक्रिया को तेज करती हैं। इन उपायों का नियमित रूप से उपयोग करने से व्यक्ति के शरीर की पाचन प्रक्रिया दुरुस्त होती है, मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इनसे शरीर में फैट सेल्स को बर्न करने और अतिरिक्त फैट, विषैले पदार्थ या फ्री रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है तथा  वजन नियंत्रित होता है। इस तरह के इन्फ्यूज वॉटर से हमारे शरीर में पानी की कमी तो पूरी होती ही है, विटामिन्स और मिनरल्स की आपूर्ति भी होती है।

(अपोलो शुगर क्लिनिक की डाइटीशियन डॉ. छवि गोयल तथा मांगलिक और संजीवनी हेल्थकेयर के आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रयाग डाभी से की गई बातचीत पर आधारित) 

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  • Web Title:obesity and ayurveda