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भरपूर पोषण से दूर करें प्रेग्नेंसी की दिक्कतें

प्रेग्नेंसी की जरूरत है भरपूर पोषण
प्रेग्नेंसी की जरूरत है भरपूर पोषण

र्भवती महिला का भोजन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और पोषक तत्वों से भरा होना चाहिए। अगर प्रेग्नेंसी में ऐसा आहार लिया जाए, तो यह गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं के खतरे को कम करने के लिए काफी है। कैलाश हॉस्पिटल की गाइनाकोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा कहती हैं कि गर्भधारण करना महिला के स्वभाव और जीवनशैली में कई परिवर्तन लेकर आता है। इस दौरान उन्हें भोजन करने का बिल्कुल भी मन नहीं करता। पर गर्भावस्था में अपने भोजन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि  मां का आहार गर्भस्थ शिशु के निर्माण का आधार बनता है।

डाइटीशियन डॉ. नीलांजना सिंह कहती हैं कि बेहतर रहेगा कि अपनी गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में ही डाइट प्लान तैयार कर लें। इसके लिए आप डॉक्टर से बात कर सकती हैं। याद रहे डॉक्टर आपकी और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के बारे में बेहतर जानते हैं। गर्भवती का भोजन फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फोलेट, लौह तत्वों और अन्य पोषक तत्वों से समृद्ध होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर में कैल्शियम के लिए दूध और दूध उत्पादों जैसे खाद्य पदार्थों के सेवन में वृद्धि करनी चाहिए।

फाइबर से भरपूर साबुत अनाज

साबुत अनाज में फाइबर, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा होती है और यह पचने में भी आसान होता है। फाइबर युक्त आहार से गर्भावस्था के दौरान कब्ज और बवासीर जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। चोकर मिला गेहूं का आटा, ज्वार, बाजार, मक्का, ओट्स आदि इसके अच्छे स्रोत हैं।

 दालें भी जरूरी

अगर आप मीट नहीं खाती हैं तो दालें आपके लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत साबित होंगी। शाकाहारियों को प्रोटीन के लिए प्रतिदिन 45 ग्राम मेवे और 2/3 कप दालों या फलियों की आवश्यकता होती है। आप चना, राजमा, मूंगफली, बीन्स, सोयाबीन, मूंग में से कोई भी दाल अपनी सुविधा के हिसाब से इस्तेमाल कर सकती हैं। 

मस्तिष्क निर्माण के लिए सूखे मेवे
मस्तिष्क निर्माण के लिए सूखे मेवे

ड्राई फ्रूट का प्रोटीन बच्चे के मानसिक विकास के लिए जरूरी होता है। इनमें प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फास्फोरस, विटामिन , बी6, सी, डी आदि मिलते हैं। किशमिश, अंजीर, बादाम, काजू, अखरोट, खजूर, सूखे बेर आदि में आयरन, फाइबर, पोटेशियम, विटामिन के और ग्लूकोज आदि होते हैं।

हरी सब्जियां

गर्भवती को दिन के हर आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, सोया, मेथी आदि शामिल करना चाहिए। इनमें आयरन, विटामिन , सी और कैल्शियम जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। स्वस्थ बच्चे के लिए ये काफी जरूरी हैं। इससे जन्म के समय बच्चे का वजन संतुलित रहता है। हरी पत्तेदार सब्जियां फोलिक एसिड और बायोटिन दोनों का एक अच्छा स्रोत है। फोलिक एसिड रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है। 

दूध और डेयरी प्रोडक्ट

दूध और अन्य डेयरी उत्पादों से मिलने वाला कैल्शियम भ्रूण में मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए आवश्यक होता है। अगर आप शाकाहारी हैं, तो प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत पाश्चराइज्ड दूध है। साथ ही दुग्ध उत्पाद जैसे दही, पनीर आदि भी प्रोटीन के बहुत अच्छे स्रोत हैं। दही एक सुपरफूड है। दही कैल्शियम, विटामिन बी-12 और पोटैशियम से भरपूर होता है। यह हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। रायता के अलावा छाछ इसका अच्छा विकल्प हो सकता है।

 अंडा है सुपर फूड

अंडे से भरपूर प्रोटीन मिलता है।  हर दिन कम से कम दो अंडे जरूर लें। गर्भावस्था भ्रूण के निरंतर विकास का चरण होता है। भ्रूण के शरीर की मांसपेशियों, त्वचा, अंगों और ऊतकों को बनाने के लिए प्रोटीन की निरंतर आपूर्ति की जरूरत होती है।

खूब पियें पानी
खूब पियें पानी

गर्भवती महिलाओं को नियमित पानी पीने से मिचली, अम्लता, जलन और अपच से राहत मिलती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मूत्रमार्ग के संक्रमण से भी बचाव होता है।

ध्यान रखें

  • आंवला खाएं, इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं
  • अनाज, साबुत दालें, मछली और दूध दुग्ध उत्पादों का सेवन अधिक करना चाहिए
  • हरी सब्जियां, सोया दूध, टोफू, तिल, मेवे और साबुत अनाज आदि लें
  • शकरकंद जरूर खाएं
  • कॉड लिवर आयल लें, इसमें ओमेगा 3 और विटामिन डी की भी अच्छी मात्रा होती है
  • खूब सारे पेय पदार्थों का सेवन करें, खासकर पानी और ताजा फलों के रस
  • घी, मक्खन, नारियल के दूध और तेल में संतृप्त वसा की उच्च मात्रा होती है
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  • Web Title:Balanced diet is essential to remove pregnancy woes