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गंगा मंत्रालय के पत्र पर स्वामी शिवानंद का तप संपन्न

गंगा मंत्रालय ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की धारा पांच का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिये हैं। साथ ही इस धारा का अनुपालन न करने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। गंगा मंत्रालय के आदेश के बाद मातृ सदन में अनशनरत (तप) स्वामी शिवानंद ने सोमवार देरशाम तप समाप्त करने की घोषणा की। पत्रकारों से बातचीत में शिवानंद ने कहा कि गंगा मंत्रालय ने पत्र की प्रति देकर उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। मातृसदन के अनुसार गंगा मंत्रालय के महानिदेशक यूपी सिंह ने सोमवार को धारा पांच के अनुपालन के लिए एक पत्र सीपीसीबी और दूसरा पत्र सचिव केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है। दोनों पत्रों में मातृसदन से मिले पत्रों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए हरिद्वार गंगा में खनन को लेकर धारा पांच का पालन न होने की बात कही गई है। मातृसदन की ओर से मीडिया को दोनों पत्र उपलब्ध करा दिये गए हैं। गंगा में खनन खोलने के विरोध और धारा पांच के विपरीत गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में स्टोन क्रेशर न लगने की मांग पर स्वामी शिवानंद ने अपना अनशन शुरू किया था। अनशन के 13वें दिन मंत्रालय से पत्र मिलने और कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर उन्होंने अनशन समाप्त किया है। शिवानंद का साफ कहना है कि गंगा में खनन वह कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। धारा पांच का अनुपालन कहीं नहीं किया जा रहा है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी धारा पांच को लेकर कोर्ट को भी गुमराह कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पहले ही कर दी जानी चाहिये थी। कब क्या हुआअनशनरत शिवानंद के जल छोड़ने पर स्थानीय प्रशासन ने 28 मई की शाम से लेकर आधी रात तक उन्हें उठाने की कोशिश की। इस दौरान उन तक पहुंचने के लिए पुलिस को गेट के लॉक तक मशीन से काटने पड़ गये थे। लेकिन पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शिवानंद तक नहीं पहुंच पाये थे। दोपहर में की थी प्रेसवार्ता शाम को तप की पूर्णाहुति से पूर्व सोमवार दोपहर स्वामी शिवानंद ने मातृसदन में प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों को गंगा से छेड़छाड़ का परिणाम बताया था। उन्होंने कहा कि यदि गंगा में खनन बंद नहीं किया गया तो गंगा किसी को माफ नहीं करेगी। उन्होंने सरकार को गंगा विरोधी बताते हुए शराब और खनन माफिया से साठगांठ का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि हरिद्वार सांसद के खनन संबंधी एक बयान पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।

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  • Web Title:Swami Shivanand's duties on the letter of Ganga ...
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