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चिंताजनक : उत्तराखंड में तेजी बढ़ रहा बालश्रम, चौंका देंगे ये आंकड़े

राज्य में तेजी के साथ बाल श्रम के मामले बढ़ रहे हैं। होटल, ढाबों में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही कोठियों में बच्चों से काम कराए जाने की भी शिकायतें बढ़ रही हैं।

श्रम विभाग की ओर से वर्ष 2016-17 में प्रदेश भर में 243 छापे मारे गए। इनमें 46 बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम करते पाए गए। इनमें अधिकतर बच्चे हरिद्वार, यूएसनगर, देहरादून के होटल, ढाबों, छोटी छोटी फैक्ट्रियों, दुकानों में काम करते पाए गए। शहरों की अपेक्षा पहाड़ों पर बाल श्रम के कम मामले पकड़े गए।देहरादून, यूएसनगर में बच्चों से मोटर वर्कशॉप में काम कराया जा रहा है। हरिद्वार में बच्चों से सबसे अधिक होटल, ढाबों में काम कराया जा रहा है। यहां भी साईकिल, मोटर साईकिल व कार वर्कशॉप में बच्चों से काम लिया जा रहा है। श्रम विभाग का दावा है कि इन मामलों को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

गड़बड़ी नजर आए, तो चाइल्ड हेल्पलाइन पर करें फोन

देहरादून। कहीं भी कोई बच्चा परेशानी में नजर आए, तो उसकी मदद को तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल की जा सकती है। यहां बच्चों से जुड़ी हर तरह की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है।

800 ही कूड़ा बिनने वाले

देहरादून। बाल आयोग की ओर राज्य में बच्चों से कूड़ा उठाए जाने के मामले की भी जांच कराई गई। सभी निकायों से रिपोर्ट तलब की गई। हालांकि निकायों की रिपोर्ट से बाल आयोग संतुष्ट नहीं है। निकायों की ओर से राज्य में सिर्फ 800 बच्चों को लेकर ही रिपोर्ट दी गई। बताया गया कि निकाय क्षेत्रों में 800 बच्चों से ही कूड़ा उठाने का काम लिया जा रहा है।

प्रदेश भर में लगातार बाल श्रम के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। हर जिले में लगातार छापे मारे जा रहे हैं। अभी तक एक साल में मारे गए 243 छापों में 46 मामले पकड़ में भी आए हैं। 
-आनंद श्रीवास्तव, श्रम आयुक्त

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  • Web Title:Increas child labour case in state
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