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आंदोलित ग्राम प्रधानों के आगे झुकी सरकार, अनशन समाप्त

करीब 10 दिनों से अनशन पर बैठे प्रधानों ने लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया। शुक्रवार को पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडेय दोपहर करीब ढाई बजे धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे प्रधानों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। प्रधानों ने हड़ताल भी वापस ले ली है। 

विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे प्रधानों से शुक्रवार को मंत्री अरविंद पांडेय ने मुलाकात की। उन्होंने प्रधानों को भरोसा कि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करेगी। इससे पूर्व शुक्रवार का दिन प्रदेश प्रधान संगठन के आंदोलनकारियों के लिए खास रहा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे प्रदेश प्रधान संगठन के अध्यक्ष गिरवीर परमार की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल यमुना कॉलोनी स्थित उच्च शिक्षा और पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडेय से निवास पर उनसे मिला। करीब दो घंटे तक चली इस मुलाकात में दोनों पक्षों के बीच मांगों और समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। साथ ही आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। 

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पांडेय ने प्रधानों को भरोसा दिया कि 31 दिसंबर तक प्रधानों की सभी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान प्रधान लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में प्रधानों की मुख्य मांगों को लिखित रूप में प्रदेश सरकार के सचिव डी. सेंथिल पांडियन की ओर से जारी किया गया। लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रधान धरना स्थल से उठ गए। इस बीच शुक्रवार को पूर्व मंत्री दिनेश धनै भी धरना स्थल पहुंचे और प्रधानों को समर्थन दिया। इस मौके पर कुंदन सिंह वोहरा, धीरज लाल शाह, सुमन लटवाल, रितेश जोशी, धनवीर सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह चौहान, रोशनी चमोली, मुस्कान, प्रवीन चौहान, लीला शर्मा आदि मौजूद रहे।
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  • Web Title:End of agitation of Gram Pardhan
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