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1984 सिख दंगा : दिल्ली पुलिस को कानपुर में नहीं मिला 15 हत्याओं का रिकार्ड

 दिल्ली से आई टीम

शहर में हुए 1984 के दंगों की जांच के लिए दिल्ली से आई टीम ने मंगलवार को कहा कि थाना काकादेव के अंतर्गत 15 की मौतें हुईं लेकिन यहां इसका रिकार्ड नहीं है। मौतों की जानकारी स्वयं थाने ने आरटीआई में दी थी। 
 सुप्रीम कोर्ट में सात माह पहले कानपुर दंगों में मारे गए लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की गई थी। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से 06 दिसंबर तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने नगर में दर्ज मुकदमों में सत्यापन कर शपथपत्र दाखिल करने को कहा था जिसके लिए दिल्ली से टीम आई थी। 
 थाना काकादेव में नहीं मिला रिकार्ड : अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के अध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह भोगल, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रसून कुमार, कमेटी के प्रांतीय अध्यक्ष सरदार मोहकम सिंह, गुरुचरन सिंह पचनंदा, अजीत सिंह, इंदरजीत सिंह और कंवलजीत सिंह ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि थाना काकादेव में लंबे समय तक सभी रिकार्ड खंगाले गए लेकिन यहां 15 की मौतों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं हो सका। इसी तरह थाना नजीराबाद में मात्र दो माह में दो मौतों (अमलोक सिंह और गुरुचरन सिंह) के मामले में केवल दो माह में फाइनल रिपोर्ट लगाना नियमों के खिलाफ है। 
कई नामों का खुलासा करेंगे
पदाधिकारियों ने बताया कि कुल दर्ज रिपोर्ट में 32 लोगों के नाम थे लेकिन एक के खिलाफ भी चार्जशीट नहीं लगाई गई। उन्होंने दो लोगों के नाम सार्वजनिक किए जिन पर हत्याओं, लूटपाट का आरोप है। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। सरदार भोगल ने कहा कि उनके पास कई नाम हैं जिनका खुलासा शीघ्र किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कहा कि बड़ी संख्या में अब लोग गवाही देने को तैयार हैं। कुछ मामलों में नए सिरे से आरटीआई लगाई जा रही है।
सीबीआई जांच या एसआईटी
कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने इस दिशा में कुछ भी नहीं किया। मौजूदा सरकार हमारी है लेकिन वह भी कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट नहीं दे रही है। कोर्ट से हमने सीबीआई जांच कराने या एसआईटी के गठन की मांग की है। सरकारों से भी यही मांग पूर्व में करता रहा हूं।
छह करेंगे आत्मदाह
यदि छह दिसंबर तक केंद्र और राज्य ने स्टेटस रिपोर्ट नहीं दी तो छह सदस्यों ने गृहमंत्रालय के सामने आत्मदाह की धमकी दी है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार भोगल और प्रदेश अध्यक्ष सरदार मोहकम सिंह ने बताया कि उनके साथ मनमोहन सिंह, कंवलजीत सिंह, जसवंत सिंह और हरजीत सिंह मनचंदा भी छह दिसंबर के बाद आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। 
 

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  • Web Title:1984 Sikh riots: Record of 15 murders not found in Delhi Police in Kanpur
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