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वार्डों के आरक्षण में होगा बड़ा उलटफेर

- जिलों से 18 तक मांगा गया आरक्षण प्रस्ताव प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय निकाय चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। वार्ड गठन के बाद उसके आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वार्डों के आरक्षण में चक्रानुक्रम यानी ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव के आधार पर वार्डों का आरक्षण होगा। इसके आधार पर अधिकतर वार्डों के आरक्षण में फेरबदल तय माना जा रहा है। इससे कई दिग्गजों को अपना चुनावी क्षेत्र बदलना पड़ सकता है। यूपी में इस बार 653 निकायों में चुनाव होना है। इसमें 16 नगर निगम, 199 पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतें हैं। नए परिसन के आधार पर प्रदेशभर में इस बार 11 हजार से अधिक वार्डों में सदस्यों के लिए चुनाव होना है। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 18 सितंबर तक वार्डों के आरक्षण का प्रस्ताव निकाय निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा है। निदेशालय 25 सितंबर तक नियमावली के आधार पर वार्डों के आरक्षण के प्रस्ताव का परीक्षण करते हुए शासन को भेजेगा। इसके बाद वार्ड आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी करते हुए इस पर आपत्तियां व सुझाव लिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश नगर निगम व पालिका परिषद (स्थानों और पदों) आरक्षण व आवंटन नियमावली के आधार पर वार्डों का आरक्षण किया जाएगा। पहले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति के लिए वार्डों की संख्या तय की जाएगी। निकाय के वही वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाएंगे जिनमें अनुसूचित जाति की आबादी सर्वाधिक होगी। इनमें से 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसके बाद पुरुष अनुसूचित जाति के लिए वार्डों का आरक्षण होगा। अनुसूचित जाति व जनजाति के बाद पिछड़ी जाति के लिए वार्ड आरक्षित होंगे। पिछड़ी जाति में भी पहले महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित होंगे। इसके बाद महिलाओं व अनारक्षित वर्ग के लिए वार्ड छोड़े जाएंगे।

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  • Web Title: Ward reservation
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