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राष्ट्रपति चुनाव में यूपी में पड़े 405 वोट

- सपा के अबरार अहमद कोमा में होने के कारण नहीं डाल सके वोट- 403 विधायकों में से 402 विधायकों ने डाले वोट - मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित तीन सांसदों ने भी यहां डाले वोट - सपा और निर्दलीय विधायकों की क्रास वोटिंग से कोविंद का पलड़ा भारी - गोपनीय वोट पड़ने से क्रास वोटिंग की असलियत परिणाम के बाद पता चलेगी - केंद्रीय प्रेक्षकों की देखरेख में मतपेटियां विशेष हवाई जहाज से दिल्ली भेजी गईं विशेष संवाददाता - राज्य मुख्यालयराष्ट्रपति चुनाव में लखनऊ में सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 405 वोट पड़े। यूपी विधानसभा में 403 विधायक हैं, लेकिन 402 वोट ही पड़ सके। मतदान में सपा के विधायकों के अलावा निर्दलीय विधायकों ने भी रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान करने के दावे ने साफ कर दिया कि जमकर क्रास वोटिंग हुई।सपा के एक विधायक अबरार अहमद कोमा में होने के कारण वोट डालने नहीं आ सके जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित तीन सांसदों ने भी लखनऊ में अपने वोट का प्रयोग किया। सीएम के अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती ने भी यूपी के सांसद के नाते लखनऊ में वोट किया जबकि अन्य सांसदों ने दिल्ली में वोट डाला। वोट डालने का समय जैसे ही शाम पांच बजे खत्म हुआ। चुनाव आयोग के केंद्रीय प्रेक्षकों अरुण कुमार मेहता और विजय कुमार पांडेय की मौजूदगी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रदीप दुबे ने सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रमोद जोशी के जरिए मतपेटियों को सील करा दिया। बाद में विशेष हवाई जहाज से दिल्ली रवाना कर दिया गया। जहां पर वोटों की गिनती करके परिणाम घोषित किया जाएगा। खास बात यह रही कि सपा और कई निर्दलीयों विधायकों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद के समर्थन में खुलकर आने से यूपी में जहां क्रास वोटिंग की संभावना पर मुहर लगती दिखी, वहीं कोविंद का पलड़ा भी मीरा कुमार के मुकाबले यूपी में भारी पड़ता दिखाई दिया। क्रास वोटिंग की संभावना इसी से पता चलती है कि सपा के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर के विधायक शिवपाल सिंह यादव, निषाद पार्टी के विजय मिश्रा और निर्दल अमन मणि त्रिपाठी और राजा भैया ने खुलकर राम नाथ कोविंद के समर्थन में वोट दिया। हालांकि सपा, बसपा और कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उनके दलों ने एकजुट होकर मीरा कुमार को वोट दिया है। वैसे भी वोट गोपनीय डाला गया, इसलिए क्रास वोटिंग की असलियत मटपेटी खुलने पर ही पता लगेगी। वोट डालने का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक तय था लेकिन वोट तय समय से कुछ समय पहले ही पड़ चुके थे। सचिवालय के तिलक हाल में वोट डालने के लिए सुबह 10 बजे से ही लंबी लाइन लग गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले वोट डाला। फिर उनके बाद बड़ी संख्या में भाजपा के मंत्रियों और विधायकों ने वोट डाले। भाजपा विधायकों में वोट डालने के लिए खास उत्साह देखा था। वे वोट डालते समय जीत का प्रतीक भी दिखा रहे थे। हालांकि सपा, बसपा और कांग्रेस के कई विधायकों ने भी दो अंगुलियां दिखाकर जीत का प्रतीक बनाया। वोट इतनी तेजी से पड़े कि दोपहर आते-आते दो बजे तक 260 विधायकों के वोट पड़ चुके थे। उसके बाद विधायक आते गए और वोट डालते गए और शाम पांच बजे से पहले ही एक को छोड़कर सारे विधायकों के वोट पड़ गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी प्रकार की कोई शिकायत मतदान के समय नहीं मिली। पूरी वोट प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। -इंसेट- वोट की कीमत यूपी के एक विधायक के वोट की कीमत 208 और एक सांसद की कीमत 708 है। इस तरह यूपी सबसे बड़ा प्रदेश और सबसे ज्यादा विधायक होने के नाते यहां के वोटों की कीमत सबसे ज्यादा है।

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  • Web Title:voting for president election in up
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