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टूटा 100 साल का रिकार्ड : श्रावस्ती में खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर बही राप्ती

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राप्ती नदी की बाढ़ ने पिछले 100 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। राप्ती खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर तक बही। जिसके कारण पांच दर्जन से अधिक गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से डूब गए हैं। गांव में घुसे पानी के कारण लोगों को छतों पर शरण लेने पड़ी, लेकिन दूसरे दिन भी उन्हें रोटी-पानी नहीं मिल सका।
शुक्रवार रात से राप्ती की विनाश लीला जारी है। अधिक पानी होने के कारण जलस्तर खतरे के निशान से ढाई मीटर तक ऊपर पहुंच गया। शनिवार को जमुनहा में तबाही मचाने के बाद बाढ़ इकौना क्षेत्र में पहुंच गयी। जमुनहा क्षेत्र के दो दर्जन गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। जबकि इकौना क्षेत्र के तीन दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जमुनहा के अतरपरी गांव में तो लोगों को आंगन में तैर कर बाहर आना पड़ा। इसी तरह से इकौना तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का संकर्प अन्य गांवों से कटा है। बाढ़ के प्रकोप का आलम यह है कि शनिवार रात से भिनगा का अन्य स्थानों से संपर्क कट गया। भिनगा-बहराइच फोरलेन पर लक्ष्मननगर पुल के दोनों ओर 10-10 मीटर सड़क बह गईऔर पुल टूट गया। जबकि जरकुसहा पुल और एसएसबी कैंप के पास भी सड़क कट रही है। जिसे बचाने का काम शुरू हो गया है।

 

 

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  • Web Title:Up to two and a half meters above danger mark Rapti in Shrawasti
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