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बाराबंकी में साबरमती एक्सप्रेस विस्फोट के दो आरोपी दोष मुक्त

अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने साबरमती एक्सप्रेस विस्फोट कांड के आरोपी गुलजार अहमद वानी और अब्दुल मोबीन को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त करार दिया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2000 को मुजफ्फरपुर से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में रौजागांव (रुदौली) में विस्फोट हुआ था। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी। इसका मुकदमा जीआरपी बाराबंकी में दर्ज किया गया था। इस घटना के विवेचना तत्कालीन एसओ मोहन वर्मा व सीओ हरिशंकर दुबे ने की थी। इस मामले में 3 सितम्बर 2000 को अलीगढ़ विश्वविद्यालय से अब्दुल मोबीन की गिरफ्तारी की गई थी। वहीं 30 जुलाई 2001 को दिल्ली से अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र गुलजार अहमद वानी को गिरफ्तार किया गया था। 

साक्ष्यों के अभाव में निचली अदालत ने किया दोष मुक्त
बाराबंकी में गुलजार अहमद वानी व अब्दुल मोबीन के अधिवक्ता प्रभात सिंह ने बताया कि इस मामले में 26 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने जमानत याचिका पर निचली अदालत को निर्देश दिया था कि महत्वपूर्ण गवाहों से जिरह 31 अक्तूबर 2017 तक पूरी की जाये। यह कवायद पूरी होती है या नहीं, परंतु याचिकाकर्ता (वानी को)निचली अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों पर एक नवम्बर 2017 से जमानत पर रिहा कर दिया जायेगा। इस मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमए खान की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर गुलजार अहमद वानी और अब्दुल मोबीन को दोष मुक्त करार दिया है। श्री सिंह ने बताया कि इस गंभीर मामले में बिना अभियोजन स्वीकृत लिए ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई थी। अभियोजन स्वीकृति बाद में 2009 में ली गई थी। अदालत ने माना कि उक्त दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं दिए गए हैं। सिर्फ सिमी के सदस्य दर्शाते हुए दोनों को आरोपी बनाया गया था। जिसमें साक्ष्य के रूप में मात्र 2001 में सिमी को सरकार द्वारा प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी। अधिवक्ता श्री सिंह के अनुसार इस मामले के आरोपी अब्दुल मोबीन को 2008 में जमानत मिल गई थी। जबकि गुलजार अहमद वानी मौजूदा समय में लखनऊ जेल में निरुद्ध है।  

 

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  • Web Title:Two accused Fault free of Sabarmati Express blast