class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनियमितता एवं लापरवाही के आरोप में सिंचाई विभाग के तीन इंजीनियर सस्पेंड

प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय

आर्थिक अनियमितता, निविदाओं में घालमेल तथा विभाग की छवि धुमिल करने के आरोप में सिंचाई विभाग के तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि विभाग में गड़बड़ी करने वाले अब तक 36 भ्रष्ट अफसरों को निलम्बित किया जा चुका है जबकि 101 के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

श्री सिंह ने कहा कि विभाग में गड़बड़ी करने वाले कुछ अन्य अधिकारी व इंजीनियर अभी रडार पर हैं और उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ओखला स्थित प्रशिक्षण अकादमी में तैनात अधीक्षण अभियन्ता राजेश्वर सिंह के आवास व विभिन्न ठिकानों पर आयकर की छापेमारी में करोड़ों की बेनामी सम्पत्ति एकत्र करने व बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। विभाग की छवि धुमिल होने पर उन्हें निलम्बित कर दिया गया है।

इसी प्रकार से इलाहाबाद में तैनात अधीक्षण अभियन्ता गिरीश चन्द्र अग्रवाल को निविदाओं में पारदर्शिता न बरतने व परिचित ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए अनावश्यक शर्ते लगाने समेत तमाम गड़बड़ियां करने के आरोप में निलम्बित किया गया है।

दूसरी ओर बाढ़ नियंत्रण के कार्यों में गड़बड़ी करने के आरोप में अधिशासी अभियन्ता बीपी सिह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। सिंचाई मंत्री ने कहा कि नहरों की टेल तक की सफाई की जिम्मेदारी जिलों में डीएम को दे दिए गए हैं। नहरों की सिल्ट सफाई का काम पूर्वांचल को छोड़ पूरे प्रदेश में पांच दिसम्बर तक पूरा करा दिया जाएगा जबकि पूर्वांचल के जिलों में नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य 15 दिसम्बर तक पूरा किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश की विलुप्त हो चुकी नदियों को पुर्नजीवित करने के लिए पास के प्रमुख नदियों से उसमें पानी लाया जाएगा। इसी प्रकार से विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए लोगों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:three engeenier suspended in errigation dipot
ब्रज भाषा और साहित्य का प्रचार बढ़ना चाहिएलाइसेंस के बाद भी बिल्डरों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ