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कर्ज में डूबे कारोबारी ने फांसी लगाकर दी जान

- सात पन्ने के सुसाइड नोट में बिजनेस पार्टनर को ठहराया मौत का जिम्मेदार - बार कौसिंल में पदाधिकारी पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप लखनऊ। निज संवाददाताकर्ज में डूबे मार्बल्स कारोबारी राहुल पांडेय (50) ने सोमवार को घर के अंदर गैलरी में पंखे से नायलॉन की रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची महानगर पुलिस को सात पन्नों का सुसाइड नोट मिला। जिसमें राहुल ने अपने बिजनेस पार्टनर को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। विज्ञानपुरी में सी ब्लॉक निवासी राहुल पांडेय अपनी मां, पत्नी आरती, बेटी अना व टिया, भाई रितेश के साथ रहते थे। सुबह आरती और बेटियां किसी काम से बाहर गई थी। पत्नी व बेटी जब वापस आई तो देखा कि राहुल का शव गैलरी में पंखे से लटक रहा था। उन लोगों ने शव को नीचे उतारा और एक डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। पेशे से वकील पार्टनर पर लगाया 75 लाख रुपये हड़पने का आरोप भाई रितेश के मुताबिक राहुल राजस्थान के उदयपुर से मार्बल्स की सप्लाई यूपी में करते थे। इसके अलावा वह प्रापर्टी का भी काम करते थे। रितेश ने बताया कि मूलत: सीतापुर निवासी बृजेश त्रिपाठी जोकि पेशे से वकील है के साथ मिलकर कारोबार करते थे। बृजेश बार कौसिंल के महामंत्री है। भाई का आरोप है बृजेश ने राहुल के 75लाख रुपये हड़प लिए है। जिससे कारोबार में काफी घाटा हुआ। रकम मांगने पर उन्हें धमकी दी जाती थी। जिससे वह काफी परेशान थे। डायरी में लिखा है पूरा ब्यौरामहानगर इंस्पेक्टर रवींद्रनाथ राय ने बताया कि सात पन्ने के सुसाइड नोट में राहुल ने अपनी मौत का कारण बृजेश को बताया है। उसमें लिखा है कि इसकी पूरी जानकारी पत्नी आरती को भी है। जिससे पूछा जा सकता है। इसके अलावा राहुल ने एक डायरी का भी जिक्र किया है। जिसमें पूरा ब्यौरा मौजूद होने की बात लिखी है। पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लिया तो परिवारजनों से कहासुनी होने लगी। आखिरकार पुलिस ने फोटो कॉपी कराकर परिवारीजनों को दी।
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  • Web Title:sucide