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शिवपाल खेमे को बेअसर करने को सपा की नई तरकीब

क्रासर....राष्ट्रपति चुनाव से बढ़ सकती है पहले से चली आ रही खाईराज्य मुख्यालय / अजित खरेराष्ट्रपति चुनाव ने समाजवादी पार्टी में पुरानी कलह को फिर से सतह पर ला दिया है। साल भर से पार्टी में चली आ रही खाई के और चौड़ा होने की आशंका है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने खुलकर बयान देकर एनडीए प्रत्याशी राम नाथ कोविंद को समर्थन देने का माहौल बनाया। इसकी काट के लिए सपा नेतृत्व भी सतर्क रहा। शिवपाल इफेक्ट की काट के लिए पार्टी ने आजम खां, राम गोविंद चौधरी को आगे किया। इन दोनों नेताओं ने क्रास वोटिंग को तो नकारा ही साथ ही यह भी कहा कि शिवपाल ने वास्तव में मीरा कुमार को ही वोट दिया है। यह सपा को एकजुट रखने की तरकीब है या क्रासवोटिंग की संभावना पर पर्दा डालने की तरकीब। यह जल्द सामने आएगा। असल में सपा नेतृत्व को पहले से ही अहसास था कि कुछ विधायक शिवपाल के असर में हैं और वह क्रास वोटिंग कर सकते हैं। लेकिन यह संख्या ज्यादा न बढ़े इसीलिए पार्टी ने रणनीति बदली और संदेश देना शुरू किया कि शिवपाल वास्तव में मीरा कुमार के साथ है न कि रामनाथ कोविंद के साथ। आजम खां ने जोर देकर कहा कि शिवपाल ही नहीं नेता जी ने भी मीरा कुमार को वोट दिया है। यह पूछे जाने पर कि शिवपाल ने मीडिया में अपनी बात कही है तो आजम खां ने तंज करते हुए कहा कि उन्होंने आप लोगों को ही भटका दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने भी कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी को आशंका है कि केवल विधायकों में ही नहीं राज्यसभा सांसदों में वोटिंग को लेकर मतभेद हैं। पार्टी को चिंता है कि कहीं अंतरात्मा की आवाज का सहारा लेकर शिवपाल खेमा अपनी ताकत न बढ़ा ले। वैसे पार्टी के सामने चुनौती यह है कि वह कैसे शिवपाल खेमे से निटपती है या उन्हें नजरंदाज करती है। या निकट भविष्य में कोई कदम उठाती है। शिवपाल ने समाजवादी सेकुलर मोर्चा बनाने का कार्यक्रम कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया था लगता है अब एक बार उसकी मुहिम जोर पकड़ेगी।

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  • Web Title:Shivpal khema
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