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छावनी में खुली नालियों में बह रहा सीवर

दस साल से एसटीपी की हो रही कवायद अब तक सिर्फ डीपीआर बन सकालखनऊ। प्रमुख संवाददाताकेन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन का छावनी में पलीता लग रहा है। यहां न तो खुले में शौच बंद हुई और न खुली नालियों में सीवर का बहना। गंदगी और बदबू से छावनी के लोगों का बुरा हाल है। सीवर लाइन बिछाने व एसटीपी लागने के लिए पिछले लम्बे समय से मंथन हो रहा है लेकिन अब तक सिर्फ डीपीआर ही तैयार हो सका है। बदबू से बुरा हालछावनी के ज्यादातर घरों में शौचालय बने नहीं हैं। जिन घरों में हैं भी उनमें सेप्टिक टैंक नहीं हैं। ऐसे में पूरी गंदगी नालियों में बहकर बड़े नालों में पहुंचती है। कुछ लोग सेप्टिक टैंक बनवाना भी चाहते हैं लेकिन छावनी में अंग्रेजों के जमाने का बिल्डिंग बाइलाज उनको बनाने की अनुमति नहीं देता। ऐसे में छावनी क्षेत्र के लोगों की गंदगी व बदबू में ही जीवन व्यतीत करने की मजबूरी बन चुकी है। इस हकीकत से छावनी परिषद का हर जिम्मेदार वाकिफ है लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कारगर प्रयास नहीं किया जा रहा है। कागजों पर चार वार्ड खुले में शौचमुक्तकेन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे होने को हैं लेकिन छावनी परिषद अब तक पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बनवा सका है। हालांकि छावनी परिषद का दावा है कि उसने आठ में से चार वार्ड खुले में शौच मुक्त कर दिए हैं लेकिन हकीकत अभी सभी वार्डो के लोग खुले में जाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सेना भर्ती में आने वाले युवकों को होती है। वह खुले में रात बिताते हैं और खुले में ही छावनी के क्षेत्रों में शौच के लिए जाते हैं।एसटीपी के लिए दस साल से हो रही कवायदछावनी में सीवर लाइन बिछाने व एसटीपी की स्थापाना के लिए पिछले दस वर्ष से मंथन किया जा रहा है लेकिन हकीकत में लोगों के घरों तक सीवर लाइन पहुंचने में अभी कितना वक्त लगेगा किसी को नहीं पता। पांच वर्ष पहले आर्मी व सिविल एरिया में संयुक्त रूप सीवर लाइन व एसटीपी के लिए 57 करोड़ रुपए का डीपीआर बना था लेकिन रक्षा मंत्रालय ने दो साल पहले आर्मी व सिविल एरिया का अलग-अलग डीपीआर बनाने को कहा। पिछले दो साल में लगभग 50 करोड़ रुपए का छावनी के सिविल एरिया में अलग सीवर लाइन बिछाने व एसटीपी बनाने का डीपीआर तैयार हो सका। उसे पिछली बोर्ड की बैठक में पास करके मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय को भेज दिया गया है। अब वहां से अनुमति का इंतजार है। ----------------खुले में शौच मुक्त पूरा काम कागजों पर हो रहा है। हकीकत में अभी छावनी के सभी वार्डों में खुले में शौच हो हो रहा है। इस बार बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा।प्रमोद शर्मा, पार्षद छावनी परिषद।

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  • Web Title:Sewer flowing in open drains in the cantonment
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