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मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के चक्कर में पिस रहे दैनिक यात्री

केस-1 कानपुर से लखनऊ चलने वाली ट्रेन 64254 मेमू गुरुवार को 5 घंटे तक गंगाघाट-आलमनगर के बीच फंसी रही। दो घंटे का सफर यात्रियों ने 7 घंटे में पूरा किया। केस-2 कानपुर-लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन 64252 उन्नाव-आलमनगर के बीच 3 घंटे तक खड़ी रही। कानपुर से लखनऊ का 73 किलोमीटर का सफर मेमू ने पांच घंटे में पूरा किया। मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को समय पर दौड़ने का दावा करने वाला रेलवे लोकल ट्रेन समय पर नहीं चला पा रहा है। लखनऊ से कानपुर के बीच 73 किलोमीटर का सफर पूरा करने में मेमू कभी-कभी सात से आठ घंटे तक लगा देती है। दैनिक यात्रियों के अनुसार मेमू ट्रेनों का रोजाना एक से दो घंटे देरी से आना निश्चित है। कई बार रेलवे अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे मेमू व पैसेंजर ट्रेनों से चलने वाले यात्रियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। मेमू ट्रेनों को बीच में रोक कर तीन-तीन घंटे तक मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का पास कराया जाता है। आफिस जाने वाले यात्रियों को परेशानी लखनऊ से कानपुर के बीच रेलवे करीब दो दर्जन मेमू का संचालन करता है। अक्सर इन ट्रेनों को आलमनगर व गंगाब्रिज व हरौनी में रोक दिया जाता है। मेमू में अधिकतर दैनिक यात्री सफर करते हैं। ट्रेन लेट होने की वजह से वह रोजाना एक दो घंटे देरी से ही दफ्तर पहुंचते हैं। दैनिक यात्री वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर रेलमंत्री, रेलवे बोर्ड व डीआरएम तक से गुहार लगाई लेकिन ट्रेनों का संचालन समय पर नहीं हो सका। रेलवे की प्राथमिकता नहीं है मेमू कानपुर-लखनऊ दैनिक यात्री एसोसिएशन ने अभी हाल ही में रेल मंत्रालय को पत्र लिख कर शिकायत दर्ज कराई थी कि रेलवे लखनऊ-कानपुर के बीच चलने वाली मेमू व पैसेंजर ट्रेनों को प्राथमिकता नहीं देता है। इन ट्रेनों को कानपुर अनवरंगज व गंगाघाट पर घंटो रोके रखा जाता है। यही नहीं ऐसोसिएशन का कहना है कि लखनऊ-कानपुर के बीच रेलवे ट्रैक भी पुराना हो गया है। इससे भी रेल संचालन में काफी परेशानियां सामने आती हैं।

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  • Web Title:railway
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