class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महिला हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन

प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ रही महिला हिंसा के खिलाफ सोमवार को महिला संगठनों ने मिलकर गांधी प्रतिमा पार्क में प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यदि महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठाया गया तो इससे भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगी। प्रदर्शन में शामिल एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी के 49 जिलों के सर्वे में पाया गया है कि 20 मार्च से 20 जून के बीच बलात्कार, यौन हिंसा, एसिड अटैक, घरेलू हिंसा समेत महिला उत्पीड़न से जुड़े करीब 483 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। यदि इसे रोका नहीं गया तो स्थिति इससे भी भयावह हो जाएगी और अपराधियों के हौसले बुलंद होते जाएंगे। उन्होंने अपराधियों को राजनैतिक संरक्षण देना बंद करने की अपील की। सीएम से मांग की कि थानों की पुलिस को महिला मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए और महिला कानून की जानकारी के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाए। वहीं एनएफआईडब्लू की आशा मिश्रा ने कहा कि पीड़ित महिला को महिला थाने भेजने के बजाए उसकी रिपोर्ट नजदीकी थानों में दर्ज कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कई बार देखा गया है कि ससुरालीजनों की प्रताड़ना से परेशान महिला यदि अपने मायके में रिपोर्ट लिखाने जाती है तो पुलिस यह कहकर लौटा देती है कि जहां घटना घटी है वहीं रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस दौरान प्रदर्शन में एडवा की सुमन सिंह, सीमा राना, पीयूसीएल की वंदना मिश्रा, हमसफर की ममता सिंह भी शामिल रहीं।
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:pradarsan
राष्ट्रपति चुनाव: वोट डाल सीएम योगी बोले- बहुमत से जीतेंगे कोविंदशिक्षक संघ ने केंद्र सरकार के आरटीई एक्ट का स्वागत किया