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जीएसटी व मंडी शुल्क के विरोध में प्लाईवुड का उत्पादन बंद

प्लाईवुड में 28 फीसदी जीएसटी लगने का विरोध में फैक्ट्रियों ने उत्पादन ठप कर दिया। प्लाईवुड निर्माताओं की मांग है कि जीएसटी का स्लैब 28 फीसदी से घटाकर 18 और मंडी शुल्क को समाप्त किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई तो फैक्ट्रियों में ताले पड़ जाएंगे। सोमवार को अवध प्लाईवुड मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के संरक्षक जयशंकर वर्मा ने कहा कि प्लाईवुड पर 28 फीसदी जीएसटी लागू होने से महंगाई बढ़ेगी। ऐसे में महंगी प्लाई को आम उपभोक्ता की पहुंच से दूर करने की साजिश की गई है। उन्होंने बताया कि प्लाईवुड के व्यापारी ढाई फीसदी का मंडी शुल्क पहले से ही झेल रहे हैं। जिसकी हटाने की मांग बहुत समय से की जा रही है। लेकिन सरकार ने यह टैक्स तो हटाया नहीं बल्कि 28 फीसदी और बढ़ा दिया। ऐसे में यह व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा। संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ताजपुरिया ने कहा कि सरकार को जीएसटी 28 फीसदी से कम करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ सरकार सस्ते आवास उपलब्ध कराने का वादा करती है और दूसरी तरफ प्लाई के दाम बढ़ाती है। ऐसे में सस्ते आवास का सपना पूरा होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इतना ज्यादा टैक्स प्लाईवुड निर्माता झेल नहीं पाएंगे। यदि सरकार ने टैक्स को घटाने पर विचार नहीं किया तो यह तय मानिए कि यह धंधा पूरी तरह से बंद हो जाएगा। एसोसिएशन के सचिव जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि जीएसटी के विरोध में आल इंडिया प्लाईवुड मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के आह्वान पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखण्ड, यूपी, केरल, गुजरात और मध्यप्रदेश में प्लाईवुड की फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। ऐसे में सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करके जीएसटी का स्लैब 18 फीसदी करने और मंडी शुल्क समाप्त करने का फैसला लेना चाहिए।
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  • Web Title:Plywood production stopped in protest of GST and mandi fee
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