class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीजीआई की न्यू ओपीडी में लग रही एस्क्लेटर

-पांच मंजिला ओपीडी में मरीजों के साथ तीमारदार और स्टाफ को आने-जाने में होगी सहूलियत फोटो भी है लखनऊ निज संवाददाता पीजीआई की न्यू ओपीडी में मरीज अब सम्बंधित विभाग की ओपीडी तक एस्क्लेटर की मदद से आ-जा सकेंगे। मरीजों को अब लिफ्ट का लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों को बहुत सहूलियत मिलेगी। अभी तक मरीज और तीमारदार लिफ्ट और जीने से आते-जाते हैं। पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर बताते हैं कि ओपीडी पांच मंजिला होने की वजह से मरीजों को आने-जाने में दिक्कतें आ रही थी। जिसको देखते हुए एस्क्लेटर लगाने का निर्णय लिया गया है। एस्क्लेटर चालू होने से मरीजों के साथ ही तीमारदार और पीजीआई स्टाफ को आने-जाने में आसानी होगी। पीजीआई में संचालित न्यू ओपीडी में रोजाना चार से पांच हजार मरीज और तीमारदार आते हैं। अभी तक मरीज ओपीडी में आने-जाने के लिए लिफ्ट और जीने का सहारा ले रहे थे। मरीजों का भारी दबाव और लिफ्ट में सीमित लोगों के जाने की वजह से गंभीर बीमारियों के मरीजों को लम्बा इंतजार करना पड़ता था। ये लिफ्ट आए दिन खराब भी रहती है। जिसकी वजह से गंभीर मरीजों को पांच मंजिला ओपीडी तक पहुंचने में बहुत दिक्कतें आ रही थी। पीजीआई के सीमएमएस डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि न्यू ओपीडी में मरीजों के दबाव को देखते हुए एस्क्लेटर लगाने का निर्णय लिया है। एस्केलर लगाने का काम 20 दिन से चल रहा है। अगस्त में यह एस्क्लेटर चालू हो जाएंगे। पीजीआई कर्मचारी नेता सावित्री सिंह, मदन मुरारी सिंह, सुनीता सिंह, रेखा मिश्रा, केके तिवारी, सीमा शुक्ला, अमर सिंह का कहना है कि ओपीडी में एस्क्लेटर लगने से मरीजों के साथ ही स्टाफ को भी बहुत सहूलियत मिलेगी। अभी तक मरीजों के साथ स्टाफ को भी आने-जाने में काफी वक्त लगता है।
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:pgi
ट्रॉमा सेंटर बिल्डिंग में खामियां, हो सकता है दोबारा निर्माणसितम्बर तक 33 हजार स्वच्छाग्रहियों का चयन करें: राजीव कुमार अगले साल 2 अक्तूबर तक सभी जिलों को खुले में शौच से