class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्वाइन फ्लू से दो और मरीजों की मौत

बेकाबू स्वाइन फ्लू ने रविवार को दो और मरीजों की जान ले ली। दोनों मरीजों का इलाज केजीएमयू में चल रहा था। लखनऊ में स्वाइन फ्लू से मरने वाले मरीजों की संख्या सात पहुंच गई है। लगातार मरीजों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। केजीएमयू में चल रहा था मरीजों का इलाज सर्दी-जुकाम और तेज बुखार के बाद बंथरा निवासी 45 साल की महिला को नौ अगस्त को केजीएमयू लाया गया। यहां मरीज को गांधी वार्ड में भर्ती किया गया। स्वाइन फ्लू की आशंका में जांच हुई। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। इलाज के बावजूद मरीज की सेहत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार को महिला की सांसें थम गई। इसी तरह अम्बेडकरनगर निवासी 55 साल के युवक को सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बुखार के बाद गांधी वार्ड में 12 अगस्त को भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। स्वाइन फ्लू की जांच कराई। संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को लिवर संबंधी परेशानी भी थी। मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लखनऊ में अब तक सात मरीजों की सांसें थम चुकी है। 18 मरीज संक्रमण की जद में सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेयी ने बताया कि 18 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पीजीआई और केजीएमयू की जांच रिपोर्ट में इन मरीजों में संक्रमण का पता चला है। अब तक 370 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि संक्रमित मरीजों को टीमें घर जाकर टैमी फ्लू दवा दे रही हैं। रैपिड एक्शन टीम ने दी है। इसके साथ ही उनके परिजनों को इस वायरस के फैलने से बचने के उपाय बताएं गए। ---------- संजीदा रहकर बच सकते हैं स्वाइन फ्लू के खतरों से स्वाइन फ्लू पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरुकता अभियान शुरू कर दिया। सीएमओ ने पुराने लखनऊ में जागरुकता के लिए ऑटो रिक्शा आदि से प्रचार-प्रसार अभियान की शुरुआत की। सीएमओ ने बताया कि स्वाइन फ्लू पर इलाज से ज्यादा जागरुकता से काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सर्दी-जुकाम और बुखार होने पर एकांत जगह पर आराम करना चाहिए। घर से बाहर नहीं निकलाना चाहिए। अस्पताल आने के लिए मास्क लगाएं। स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं। 90 फीसदी मामलों में मरीजों को भर्ती की जरूरत नहीं पड़ती है। सिर्फ 10 फीसदी मामलों में मरीज को भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने जो लोग डायबिटीज, सांस, दिल समेत दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं उन्हें अधिक संजीदा रहने की आवश्यकता है। सर्दी-जुकाम, बुखार आदि होने पर खान-पान पर अधिक ध्यान दें। तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दें। अधिक से अधिक पानी पिएं। नारियल का पानी भी फायदेमंद हैं।
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:news
श्रम विभाग की महिला कर्मचारी ने लगाई फांसीकृष्णजन्माष्टमी उत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री