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स्वाइन फ्लू ने अब तक का रिकार्ड तोड़ा, 82 नए मरीज

-मरीजों को नहीं मिल पा रही समय पर दवा लखनऊ। कार्यालय संवाददाता स्वाइन फ्लू ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार की जांच रिपोर्ट में 82 लोगों को स्वाइन फ्लू ने जकड़ लिया। इनमें सबसे ज्यादा मरीज रायबरेली व कानपुर रोड क्षेत्र की कॉलोनियों के हैं। बड़े पैमाने पर मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अफसर पस्त हो गए हैं। एक विश्वविद्यालय के कुलपति भी स्वाइन फ्लू की गिरफ्त में आ गए हैं। 351 मरीज आ चुके हैं संक्रमण की चपेट में स्वाइन फ्लू कहर बनकर लोगों पर टूट रहा है। शनिवार को 82 लोग स्वाइन फ्लू की गिरफ्त में आ गए हैं। अब तक 351 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार न होने पर 18 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सबसे ज्यादा मरीज केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया, बलरामपुर और सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें पांच मरीज वेंटिलेटर पर हैं। सीएमओ ने बताया कि घर पर 63 मरीजों का इलाज चल रहा है। बाकी मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। समय पर नहीं मिल रही मरीजों का दवा एक साथ मरीजों का दबाव आने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था चौपट हो गई है। मरीजों को दवा मुहैया कराने में खासी अड़चन आ रही है। हालात यह हैं कि मरीजों को 24 घंटे बाद भी दवा मिलने में अड़चन आ रही है। बाजार में दवा की किल्लत है। मेडिकल स्टोरों में दवा उपलब्ध नहीं है। मरीज दवा के लिए भटक रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। तमाम मरीज दवा की खातिर सीएमओ कार्यालय तक आ रहे हैं। सीएमओ दफ्तर में दूसरे लोगों की भी आवाजाही है। इससे सामान्य लोगों में भी स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। जांच में देरी से आफत स्वाइन फ्लू की जांच में देरी से मरीजों की जान पर आफत आ गई है। हालात यह है कि दो से तीन दिन बाद मरीजों की जांच रिपोर्ट आ रही है। बलरामपुर, लोहिया और सिविल अस्पताल में नमूने एकत्र करने की व्यवस्था है। वहीं जांच पीजीआई और केजीएमयू में हो रही है। नमूनों की संख्या अधिक होने से जांच में देरी हो रही है। इस दौरान अवकाश की वजह से भी जांचें प्रभावित हो सकती हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। वर्जन सभी मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मरीजों का दबाव बड़ गया है लेकिन मरीजों की तबीयत खतरे से बाहर है। मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी अस्पतालों की टीमे लगा दी गई हैं। छुट्टी में भी मरीजों को दवाएं बांटी जाएंगी। डॉ. जीएस बाजपेई, सीएमओ

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