class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हादसे में मरने वालों की संख्या 12 पहुंची

ट्रॉमा अग्निकांड के बाद शिफ्टिंग व समुचित इलाज के अभाव में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। सोमवार को बरेली से परिवार के सदस्यों ने मरीज को शिफ्टिंग के दौरान मौत की शिकायत दर्ज कराई। परिवारीजनों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में मरीज का डेथ सार्टिफिकेट जारी करने में आनाकानी कर रहे हैं। बरेली निवासी सुनैना (34) को शुक्रवार रात ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। भाई पवन कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को गुर्दे और लिवर संबंधी परेशानी बताई। सांस लेने में तकलीफ के बाद सुनैना को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। शनिवार को हालत और बिगड़ गई। शाम को आग लगने से इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भगदड़ मच गई। डॉक्टरों ने मरीज को शताब्दी में शिफ्ट करने को कहा। इस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला। बिना ऑक्सीजन ही मरीज को शिफ्ट करने की कवायद कर्मचारियों ने की। इस दौरान भाई पवन व मौसी राधा मौर्या ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने की गुहार लगाई। बिना ऑक्सीजन सुनैना छटपटाने लगी। ट्रॉमा चैनल गेट पर पहुंचने से पहले ही सुनैना की सांसें थम गई। परिवारीजन सोमवार को डेथ सार्टिफिकेट लेने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें लौटा दिया। पवन ने बताया कि दो बच्चे हैं। इनमें से एक विकलांग है। मरीजों को दलाल ले जा रहे ट्रॉमा सेंटर से ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को मुकम्मल इलाज न मिलने का फायदा दलाल उठा रहे हैं। बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती करा रहे हैं। यहां मरीजों से मोटी कमाई हो रही है। अग्निकांड के बाद ट्रॉमा सेंटर के बाहर प्राइवेट अस्पतालों की एम्बुलेंस की लंबी-लंबी लाइनें लग गई हैं। दलाल ट्रॉमा परिसर में घूम रहे हैं। मरीजों को झांसा देकर प्राइवेट अस्पतालों में ले जा रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:news
सपा विधायक अनिल दोहरे से एटीएस ने की पूछताछलोग आते गए और लाइन लम्बी होती चली गई.....