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राष्ट्रीय एससी आयोग ने बीबीएयू में नियुक्त प्रक्रिया रोकने का दिया निर्देश

लखनऊ। निज संवाददाताराष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने प्रथम दृष्टया यह पाया है कि बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शिक्षकों की चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण के रोस्टर और यूजीसी के नियमों का उल्लघंन हुआ है। साथ ही आयोग ने बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती को नियुक्त प्रक्रिया रोकने को निर्देश दिया है। अगर कोई नियुक्त करनी है तो एमएचआरडी और यूजीसी के सलाह के बाद ही करें।विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के आरक्षण से सम्बन्धित रोस्टर में गड़बड़ी को लेकर कुछ लोगों ने राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग में शिकायत की थी। इसकी सुनवाई करते हुए आयोग ने 6 जुलाई को विश्वविद्यालय के रोस्टर की जांच के लिए एक कमेटी बना दी थी। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को जांच में पूरा सहयोग करने को कहा था। उसने कुलपति से कहा था कि तब तक नियुक्त प्रक्रिया से बचे। लेकिन कमेटी अपनी जांच नहीं कर पाई। कमेटी ने आरोप लगाया कि विवि ने सहयोग नहीं किया। जिस पर आयोग ने 12 अक्तूबर को दिल्ली में सुनवाई की। आयोग ने माना है कि विवि ने कमेटी की जांच में बाधा डाली है। इस दौरान बीबीएयू की कुल सचिव सुनीता चन्द्रा, यूजीसी के चेयरमैन वीएस चौहान, मानव संसाधन मंत्रालय और यूजीसी के प्रतिनिधि मौजूद थे। सुनवाई के बाद आयोग ने बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती को निर्देश दिया है कि रोस्टर की जांच होने तक नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी जाए। जिसकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उसके लिफाफे अक्तूबर माह के तीसरे या चौथे सप्ताह में विश्वविद्यालय की होने वाली बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में खोलने से बचे। यदि कोई नियुक्त करनी भी है तो यूजीसी और एमएचआरडी से विचार-विमर्श के बाद ही उसके दिशा-निर्देश पर करें। आयोग ने निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए यूजीसी और एमएचआरडी से कहा है।

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  • Web Title:National Commission for Scheduled Tribes
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