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निर्माण एजेंसियों की लापरवाही, मरीजों की परेशानी

- मरीजों की सुविधाओं के लिए कई भवन और सुविधाएं अटकी केजीएमयू और अन्य मेडिकल संस्थानों में कराए जा रहे कामों में देरी के चलते मरीजों को फायदा नहीं मिल पा रहा है। अपर मुख्य सचिव डा. अनिता भटनागर जैन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, आरएमएल इंस्टीट्यूट, एसजीपीजीआई व सीबीएमआर के कामों की समीक्षा के दौरान कई प्राजेक्ट देर होने पर नाराजगी जताई। जल निगम ने सीवर लाइन मानक से ढ़ाई फीट ऊपर डाल दी तो वहीं जहां पार्किंग बननी थी वहां आक्सीजन गैस प्लांट बना दिया। अब इन गड़बड़ियों को दुरुस्त कराया जाएगा और इसका खर्च इन संस्थाओं से वसूला जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मिडवाइफ ट्रेनिंग के लिए फरवरी में पुनरीक्षित बजट जारी किया गया लेकिन चार माह बाद भी इसकी कार्ययोजना तक तैयार नहीं हो सकी। जलकल विभाग ने सीवर लाइन को तय मानक से ढाई फीट ऊपर डाल दिया। यही नहीं एक बिल्डिंग को सीवर लाइन से जोड़ा ही नहीं। अब दोबारा सीवर लाइन डाली जाएगी। इसके लिए नई एजेंसी तो तय कर दी गई है और पूरा खर्च जलकल से वसूला जाएगा। 10 करोड़ से बनने वाले आंकोलॉजी भवन की एक साल में अभी शुरुआत तक नहीं हो सकी। लॉरी कॉर्डियोलॉजी के पास मल्टीस्टोरी पार्किंग की जगह पर इन एजेंसियों ने गैस प्लांट खड़ा कर दिया। अब इसे शिफ्ट किया जाएगा और इसके लिए आने वाले खर्च एजेंसी से वसूला जाएगा। लोहिया संस्थान में लगाए गए आरओ सिस्टम को कई वर्ष पहले ही पूरा करने का दावा किया गया लेकिन आज तक काम नहीं कर रहा है। अब इसे एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। लोहिया संस्थान के निदेशक ने एकेडेमिक ब्लाक और आंकालॉजी ब्लाक के निर्माण में देरी की बात भी उठाई। अपर मुख्य सचिव ने कामों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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  • Web Title:medical education
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