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लविवि नया सत्र- छात्रों से बातचीत

कैम्पस नहीं, जैसे कोई दूसरी दुनिया है... वो लड़के-लड़कियां जो बस अभी 12वीं पास कर, स्कूल की चहारदीवारी से बाहर निकले हैं उनके लिए लखनऊ विवि का कैम्पस किसी सपने जैसा है। छात्र-छात्राओं ने यहां आने से पहले ढेरों तैयारियां कर डाली हैं। वॉर्डरोब में यूनीफॉर्म की जगह नए कैजुअल कपड़ों ने ले ली है और भारी भरकम स्कूल बैग की जगह ट्रेंडी बैग आ गए हैं। पहले दिन कैम्पस आए फर्स्ट ईयर के छात्रों के अनुभव- 'विश्वविद्यालय का कैम्पस हर स्टूडेंट के लिए सपने जैसा होता है, आज सपना पूरा हुआ तो यकीन करना मुश्किल है।' प्रतिभा तिवारी, बीए प्रथम वर्ष 'जितना बड़ा स्कूल था उतने में तो यहां का एक विभाग भी नहीं आएगा। अब जब बड़े कैम्पस में आए हैं तो बड़े सपने भी देख रहे हैं, जिन्हें पूरा करना है।' रितु रावत, बीए प्रथम वर्ष 'बहुत उम्मीदें लेकर हम लखनऊ विवि आए हैं और यकीन है कि सारी उम्मीदें पूरी होंगी। कैम्पस में पहला दिन बेहद खास रहा।' आकाश कुमार रावत, बीए प्रथम वर्ष 'यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है, अब कोशिश यही है कि यहां से कुछ ऐसा करके निकलें कि विवि को हम पर नाज हो।' अश्मित पटेल, बीए प्रथम वर्ष ...................................... कुलपति की क्लास में क्लास लेने का सबक दिन बीतने के बाद शाम तकरीबन 3:45 बजे सारे शिक्षक मालवीय सभागार में इकट्ठे हुए और यहां कुलपति प्रो. एसपी सिंह इनसे मुखातिब हुए। पिछले कई दिनों से कुलपति जो बात कह रहे हैं वही सबक उन्होंने यहां भी दोहराया और शिक्षकों से पूरी ईमानदारी के साथ कक्षाएं लेने की अपील की। छुट्टियां कैंसल करने के बारे में उन्होंने बताया कि अगर इधर दो महीने शिक्षक बिना छुट्टी लिए ठीक से कक्षाएं ले लेंगे तो परीक्षाएं आने पर दिक्कत नहीं होगी। शिक्षकों के मश्वरे पर यह तय हुआ कि 15-20 दिन बाद एक बैठक और होगी जिसमें नए सत्र के कामों की समीक्षा होगी।

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  • Web Title:LU new session 2
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