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झलकियां---राष्ट्रपति

राष्ट्रपति के उदबोधन देने से पहले लगे जय श्री राम के नारेराष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द जिनको मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने माटी का सपूत कहा। उनके भाषण देने से पहले माहौल एकदम भाव से भर गया। उनको सुनने आये लोग अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। लोगों ने उनके भाषण से पूर्व जयश्री राम और भारत माता के जयकारे लगाये। इसके बाद राष्ट्रपति ने अपना भाषण शुरू किया। --------------------------------------कार्यक्रम से पहले गई बिजली तो गूंजे प्रेक्षागृह में नारेराष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नागरिक अभिनन्दन के लिये इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में प्रेक्षागृह की लाइन को जनरेटर से जोड़ने के लिये एक मिनट से भी कम समय के लिये बिजली बंद हुई। इसकी जानकारी मंच से दी गई लेकिन इसके बावजूद जैसे ही बिजली गई वैसे ही परिसर में बैठे लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाने शुरू कर दिये। लाइट आई तो फिर सब शांत हो गये।----------------------------------नम्बर बढ़ाने में लगे रहे मंत्री और विधायकप्रेक्षागृह में सबसे आगे की कुर्सी पर विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित बैठे थे। यह कार्यक्रम शुरू होने से काफी पहले यहां पहुंच गये थे। मंच में प्रवेश करने वाले प्रत्येक मंत्री और विधायक उनका आर्शीवाद लेने पहुंचे। कुछ लोग तो यहां काफी देर तक खड़े रहे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच से संचालिका को परिसर में सबको अपनी आरक्षित सीटों पर जाकर बैठने को कहना पड़ा।----------------------------------मीडियाफोटोग्राफर और प्रशासन के अधिकारी भिड़ेमंच के ठीक सामने कुछ मीडियाफोटोग्राफरों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। मुद्दा आगे नहीं घूमने को था। जिसपर मीडिया फोटोग्राफरों ने फोटो खींचने के लिये आगे रहने की बात बताई। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि यह भिड़ंत इस बात को लेकर भी हुई की इन फोटोग्राफरों को बैठने की जगह प्रेक्षागृह में नहीं मिली थी।----------------------------------सरकार की योजनाओं का मंच पर लगी स्क्रीन से हुआ प्रस्तुतिकरणलखनऊ मेट्रो भी दिखाई दी और मुख्यमंत्री का सूक्षम भाषण सुनाई दिया। साथ में उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के लिये सरकार की विभिन्न योजनाओं का मंच पर लगी स्क्रीन पर प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम शुरू होने से पहले किया गया। जिसको दर्शक दीर्घा में बैठे लोग देखते हुए नजर आये।-------------------------------------खुले में शौच पर हास्य नाटिका ने प्रेक्षागृह में सबको हंसायाखुले में शौच को लेकर मंच पर जब सूक्ष्म फिल्म प्रस्तुत की गई तो उसको देखकर दर्शक हंसने पर मजबूर हो गये। स्वच्छता पर आधारित इस सूक्ष्म फिल्म को रोचक और हास्य से परिपूर्ण किया गया था। कई लोग तो इसके एक किरदार पोपटलाल का मजाक बनाते भी बाद में नजर आये। --------------------------------------सेल्फी लेने वालों की वजह से फैली अव्यवस्थाकार्यक्रम स्थल और प्रेक्षागृह के अंदर विभिन्न मुद्राओं में यहां आने लोग अपनी सेल्फी लेने के साथ अपने लोगों का फोटो भी खींचने में लगे रहे। इससे कार्यक्रम में थोड़ी अव्यवस्था भी हुई जिसपर संचालिका को कार्यक्रम में राष्ट्रपति के आने की सूचना पर लोगों से अपनी सीटों पर बैठ जाने की अपील करनी पड़ी और कहना पड़ा कि अनावश्यक गतिविधियां न करें। ----------------------------------------'प्लीज टेक योर सीट' बोलने पर जवाब मिला आज हिन्दी दिवस हैराष्ट्रपति के आने की सूचना मिलने पर कार्यक्रम स्थल पर मंच संचालिका को सबसे व्यवस्थित होने और अनावश्यक गतिविधि छोड़ने की अपील करनी पड़ी। लोगों को नहीं मानते देख नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना मंच पर चढ़ गये और लोगों को अपनी सीटों पर बैठने की अपील करने के लिये 'प्लीज टेक योर सीट' बोलना पड़ा। जिसपर प्रेक्षागृह में मौजूद दर्शक बोले कि आज हिन्दी दिवस है। हिन्दी में बोलिये। ---------------------------------------------राष्ट्रपति से हाथ मिलाते ही रहे...कहने पर छोड़ा राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के स्वागत का दौर चला। तो कुछ संस्थाओं के प्रतिनिधियों को मंच पर आकर सम्मानित करने का अवसर दिया गया। इसमें एक व्यक्ति जो राष्ट्रपति को सम्मान देने के बाद उनसे हाथ मिलाते ही रह गये। इसपर दर्शक दीर्घा से आवाज उठी की हाथ छोड़ो भइया...। दर्शक दीर्घा से हंसने की आवाजें भी गूंजी।-----------------------------------------------खाने के डिब्बों के लिये हुई छीनाझपटीकार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब लोग प्रेक्षागृह से बाहर निकले तो उनको वहां कुछ लोग खाने का डिब्बा ले जाते दिखे। लोग पूछने लगे कि ये डिब्बे कहां मिल रहे हैं। इसपर लोग उस स्थान पर खाने के डिब्बे लेने के लिये टूट पड़े। अव्यवस्था ऐसी फैली कि यहां कई बड़े दिग्गज लोग भी खाने के लिये भिड़ते नजर आये। कई लोग हाथ में दो से तीन डिब्बे भी लेकर बाहर निकलते नजर आये।-----------------------------------------------पुलिस को संभालना हो गया मुश्किलकार्यक्रम छूटने पर राष्ट्रपति के निकलने के बाद ही सबको छोड़ने के लिये पुलिसकर्मियों को आदेश दिये गये थे। जब कार्यक्रम समाप्त हुआ और लोग प्रेक्षागृह से बाहर निकलने लगे तो पुलिस ने उनको रोका। इसपर कई बड़े भाजपा नेताओं को बाहर निकलने के लिये मना करना पड़ा। इसपर नेताओं के गुस्से को संभाल पाना पुलिस के लिये मुश्किल बना। -----------------------------------------------

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