class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तेरे चितवन की एक किरन छूकर मेरे जीवन में रोशनी आई...

-शहर के साहित्यकार और कवियों ने कविता पाठ किया लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता साहित्यिक और सामाजिक नवचेतना को समर्पित संस्था 'नव परिमल' की ओर से सोमवार को सरस काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें शहर के कई कवियों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से माहौल बना दिया। मदन मोहन मनुज की अध्यक्षता और महासचिव देवकीनन्दन शांत के संचालन में कार्यक्रम का आयोजन छह फैजाबाद रोड स्थित सरोज श्रीवास्तव के आवास पर हुआ। कार्यक्रम में विनोद शंकर चौबे ने राष्ट्र को समर्पित 'हिमालय' शीर्षक कविता पढ़ी। 'तेरे चितवन की एक किरन छूकर मेरे जीवन में रोशनी आई' कविता का पाठ कमलाकांत शुक्ला ने किया। 'बरसाने में राधा गोरी ब्रज के सांवरे नन्द किशोर' कविता का पाठ प्रो कमला श्रीवास्तव ने किया। राम प्रकाश त्रिपाठी ने मां वाणी वन्दना और डॉ सुषमा सौम्या वर्मा ने ग्रीष्म को कविता का विषय बनाया। श्रीमती सरोजनी श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, डॉ श्रीकृष्ण अखिलेश ने भी कविताओं का पाठ किया। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राम शुक्ला ने 'जलते हैं सूरज के पांव, हाय कहीं मिल जाये छांव' का पाठ किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:live
आरएसएस चाहता है कि अनुषांगिक संगठनों के एजेन्डे को महत्व दे सरकार पाठ्यक्रम में बदलाव आरएसएस के लिए अहम मुद्दारमाबाई रैली स्थल जा रहे दो दोस्तों की हादसे में मौत