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अवैध कालोनियों के नियमितीकरण की नीति में बदलाव की तैयारी

अवैध कालोनियों को नियमित करने में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए किया जा रहा है बदलाव लखनऊ। प्रमुख संवाददाता अवैध कालोनियों को नियमित करने के नियम बदले जाएंगे। इसकी कवायद तेजी से चल रही है। आवास बंधु ने इस सम्बंध में सभी विकास प्राधिकरणों से उनके यहां अवैध कालोनियों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। सरकार अवैध कालोनियों को नियमित करने के नियमों को कुछ सरल करने के बारे में सोच रही है ताकि इनके ऊपर से अवैध होने का धब्बा मिट सके और विकसित कालोनियों की तर्ज पर इनमें भी सरकारी पैसे विकास कार्य कराए जा सकें। राजधानी में बड़े पैमाने पर अवैध कालोनियां विकसित हैं। इस समय करीब 650 अवैध कालोनियां हैं। अवैध कालोनियों का विकास अभी भी जारी है। एलडीए व प्रशासन अवैध कालोनियों को रोक नहीं पा रहा है। उधर दूसरी तरफ जो अवैध कालोनियां बन गयी हैं वह नियमित नहीं हो पा रही हैं। इन्हें नियमित करने की कवायद कई सालों से चल रही है। लेकिन नियमितीकरण के मानक कठिन होने से कुछ नहीं हो पा रहा है। शहर की इक्का-दुक्का अवैध कालोनियां ही इन मानकों को पूरा करती है। लेकिन उनका भी नियमितीकरण नहीं हो पा रहा है। मानक के हिसाब से सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, सीवर, पार्क व अन्य सुविधाएं होने पर ही कालोनियों को अधिकारी नियमित नहीं कर रहे। वर्ष 2010 में एलडीए ने कुछ कालोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। लेकिन इन कालोनियों में रहने वाले लोगों को इसे नियमित कराने के लिए अपने मकान की कीमत का दो गुना से ज्यादा विकास शुल्क देना पड़ रहा था। इसी के चलते लोग पीछे हट गए। अब एक बार फिर शासन ने अवैध कालोनियों को नियमित करने की तैयारी की है। इस बार इनके नियमितीकरण के नियमों व नीति में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए आवास बंधु के निदेशक ने एलडीए से उनके सुझाव मांगे हैं। -------------------------- सारे मानक पूरा करने के बाद भी सृजन विहार नहीं हो पायी नियमित गोमतीनगर के विपुलखण्ड के पास विकसित सृजन विहार कालोनी प्राधिकरण के सारे मानकों पर खरी है। बस इस कालोनी का विकास बिल्डरों ने बिना ले आउट पास कराए कर दिया था। लिहाजा इस पर भी अवैध होने का धब्बा लग गया। जबकि इस कालोनी में सड़कें, सीवर, ड्रेनेज, पार्क व अन्य सभी सुविधाएं एलडीए के मानक के अनुसार विकसित हैं। लोगों से विकास शुल्क जमा कराकर कालोनी को एलडीए नियमित कर सकता है। यहां के लोग इसके लिए प्रयासरत भी हैं। लेकिन प्राधिकरण ने आज तक इस कालोनी को नियमित नहीं किया। बोर्ड से मंजूरी के बावजूद फाइल दबा दी गयी। अब इस कालोनी को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया। --------------------------- कालोनियों को नियमित करने की पुरानी नीति से किसी अवैध कालोनी का नियमितीकरण नहीं हो पाया। यह नीति व्यवहारिक नहीं थी। जिसकी वजह से दिक्कतें आ रही थी। इसीलिए अब पुरानी नीति में कुछ बदलाव किया जा रहा है। इस सम्बंध में सभी विकास प्राधिकरणों से सूचना मांगी गयी है। सभी जगह से सूचना आ गयी है केवल एलडीए से सूचना आना बाकी है। जल्दी ही नयी नीति तैयार होगी। एसके श्रीवास्तव, निदेशक, आवास बंधु

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