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कामकाज के लिए-निर्माण निगम कर्मियों का आन्दोलन 16 अक्टूबर से

विशेष संवाददाता,राज्य मुख्यालयउत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी सेवा सम्बंधी समस्याओं के विरोध में आगामी 16 अक्टूबर से आन्दोलन की घोषणा की है। संघर्ष समिति के संयोजक राज बहादुर सिंह ने अपने एक बयान में यह जानकारी दी है।उन्होंने बताया कि इस बाबत निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र के जरिये अवगत करवा दिया गया है। प्रबंध निदेशक को दिये गए पत्र में कहा गया है कि संघर्ष समिति के संयोजक व अन्य सदस्यों ने 3 सितम्बर, 13 सितम्बर और फिर 18 सितम्बर तथा 25 सितम्बर को पांच प्रमुख बिन्दुओं पर वार्ता की गयी। इन वार्ताओं में जो भी चर्चा हुई उस पर निर्णय लेने के लिए 25 सितम्बर को अंतिम बार एक सप्ताह का समय प्रबंध निदेशक को दिया गया लेकिन आज तक इन मांगों पर कोई सार्थक निर्णय नहीं हो सका।इसी वजह से निगम प्रबंधन को 72 घण्टे का समयबद्ध नोटिस देते हुए 16 अक्टूबर से आन्दोलन की घोषणा की गयी है। इस आन्दोलन में प्रबंधन के खिलाफ धरना और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि उ.प्र.राजकीय निर्माण निगम इम्पलाइज एसो., उ.प्र.राजकीय निर्माण निगम कर्मचारी संघर्ष मोर्चा और उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन को मिलाकर बनायी गयी संयुक्त संघर्ष समिति की मांग है कि निगम के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पांचवे वेतन आयोग की संस्तुति के अनुसार पहली जनवरी 1996 से 31 मार्च 2006 तक के बकाया एरियर और छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पहली जनवरी 2006 से 11 जनवरी 2010 तक के बकाया एरियर का भुगतान जल्द से जल्द करवाया जाए।निगम में पूर्व से कार्यरत नियमित/विनियमित किये गए, ऐसे कार्मिकों को जो 7 दिसम्बर 2010 को विनियमित किये गए हैं को समानता के आधार पर पहली जनवरी 1996 से समयमान वेतनमान का लाभ दिलवाया जाए। निगम में 7 दिसम्बर 2010 से विनियमित किये गए कार्मिकों का वेतन निर्धारण छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप 1 जनवरी 2008 से ही करवाया जाए। निगम के कार्मिकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप पहली जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान यथाशीघ्र लागू किया जाए।

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  • Web Title:Kamakaj
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