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अप्टा कांड: पैकेज--पीड़ित परिवार का आरोप, पुलिस पर दबाव बनाने वालों पर हो कार्रवाई

फोटो 10, कैप्शन- दीवानी कचहरी गेट पर अप्टाकांड को लेकर कैबिनेट मंत्री का पुतला फूंकते अधिवक्ता फोटो 35, कैप्शन- पत्रकारों से वार्ता करते अप्टाकांड के मृतकों के परिजन फोटो 01, कैप्शन- शहीद चौक पर धरना देते यादव महासभा और दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा के लोग फोटो 07, कैप्शन- धरना प्रदर्शन के मद्देनजर डिग्री कॉलेज चौराहे पर तैनात फोर्स कैबिनेट मंत्री के दबाव में प्रभावित हो रही जांच पीड़ित परिवार का आरोप मुख्यमंत्री से मिला न्याय, पुलिस कर रही सही जांच कहा- धरना प्रदर्शन पर लगे रोक, त्वरित न्याय दिलाने की मांग रायबरेली। हिन्दुस्तान टीम मुख्यमंत्री से न्याय मिला, पुलिस जांच सही तरीके से कर रही है लेकिन कैबिनेट मंत्री के दबाव में जांच प्रभावित हो रही है। पत्रकारों से रूबरू होते हुए मृतक रोहित शुक्ला की पत्नी कुसुम शुक्ला ने उक्त बात कही। श्रीमती शुक्ला ने कहा कि कुछ लोग जांच प्रभावित करने के लिए धरना प्रदर्शन करा रहे हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। इससे जांच प्रभावित हो रही है। क्योंकि जब से धरना प्रदर्शन शुरू हुए, उसके बाद से पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की। एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से रूबरू होते हुए मृतक के भाई देवेश कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने न्याय दिलाने में मदद की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेता जातिवाद की राजनीति कर रहे हैं। सीबीआई जांच एक बहाना है असल में दोषियों को बचाने के लिए यह मांग की जा रही है। जातिवाद के नाम पर जिस तरह धरना प्रदर्शन हो रहा है उससे समाज में गलत मैसेज जा रहा है। कहा कि हत्याकांड के शिकार लोगों को को जिस तरह अपराधी बताया जा रहा है उसे उनके परिजनों को दुख पहुंचता है। मृतक की बहन पूनम देवी ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में मदद करें। मृतक अंकुश मिश्रा की पत्नी पूजा, मृतक अनूप मिश्रा की पत्नी शिखा, मृतक नरेंद्र शुक्ला की मां कौशल्या देवी, भाभी ऊषा देवी ने भी कहा कि हमें न्याय चाहिए। उम्मीद है कि सरकार हमें न्याय दिलायेगी। सभी ने एक स्वर में लोगों से अपील की है कि वे उनके साथ ही इस न्याय की लड़ाई में साथ दें। पीड़ित परिवार के लोगों ने रुंधे गले से कहा कि आज भी उनका परिवार में रात्रि में सो नहीं पता है। उन्होंने सरकार से भी त्वरित न्याय दिलाने की मांग की है। ------------------------------------------ अप्टा कांड में घायल वृद्ध की मौत, परिवार में मचा कोहराम रायबरेली। ऊंचाहार के अप्टा गांव में हुई पांच लोगों की नृशंस हत्या के समय घायल अवस्था में मिले वृद्ध की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से ट्राम सेंटर रेफर किया गया था। जहां से पिछले दिनों परिजन पैसे की तंगी के कारण उसे वापस घर ले आए थे। घर में सोमवार को उसकी मौत हो गयी। बीती 26 जून को अप्टा गांव में पांच लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। घटना के दौरान पुलिस को बरगदहा गांव निवासी अमृत लाल प्रजापति (60वर्ष) पुत्र देवतादीन घायल अवस्था में मिला था। पुलिस ने उसे जगतपुर सीएचसी में भर्ती कराया था। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। कुछ दिन बाद पैसे की तंगी के कारण परिजन उसे लेकर घर लौट आए थे। हालांकि उसकी हालत फिर बिगड़ने पर परिजनों ने उसे ऊंचाहार के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। हालत में कोई सुधार न होने पर परिजन उसे लेकर फिर से जिला अस्पताल पहुंचे। हालत काफी खराब होने पर सोमवार को जिला अस्पताल से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। धनाभाव के कारण परिजन ट्रामा सेंटर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके और उसे वापस घर लौट आये। शाम को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अमृतलाल की मौत की सूचना पुलिस को दी गई है। परिजनों का कहना है कि वह घटना वाले दिन उसी वाहन से घायल हुआ था जिस पर अप्टा कांड के शिकार हुए लोग सवार थे। पुलिस घटना की विवेचना के लिए अमृतलाल को काफी अहम मान रही थी। उसकी मौत से पुलिस को केस की जांच में काफी परेशानी होगी। इनसेट------ धरना-प्रदर्शन करपुलिस की जांच पर उठाए सवाल रायबरेली। यादव महासभा और दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से डिग्री कालेज चौराहा स्थित शहीद चौक के सामने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन तिलकधारी को सौंपकर पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की गयी। ज्ञापन में अप्टा काण्ड में पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाया गया।पुलिस पर एक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के दबाव में एक पक्षीय विवेचना करने और तथ्यों को तोड़ने मरोड़ने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि आखिर प्रतापगढ़ जिले के चार और कौशाम्बी जिले का एक व्यक्ति 28 जून को रात 8 बजे इटौरा बुजुर्ग (अप्टा) के ग्राम प्रधान के घर क्या करने आए थे। ग्राम प्रधान के घर पर कई राउण्ड फायरिंग क्यों की गई। ज्ञापन में घटना के समय मौके पर पहुंचे एक पुलिस अधिकारी पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया।घटना की सीबीआई से जांच कराने और ग्राम प्रधान रामश्री यादव के प्रार्थनापत्रों पर मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें सुरक्षा देने की मांग की गई है। इस मौके पर यादव महासभा के संयोजक ओपी यादव, सुशील यादव, जयदेव यादव, विजय यादव, हीरालाल यादव, डा. रामबहादुर वर्मा, डीपी पाल, पीएल पाल, रामदेव मौर्या, भारतलाल वर्मा, आरपी यादव, राजा घोसी आदि थे। इनसेट चप्पे-चप्पे पर तैनात था भारी पुलिसबल यादव महासभा की ओर से आयोजित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी। सदर कोतवाली के अलावा मिल एरिया, जगतपुर, महराजगंज, हरचंदपुर, गदागंज, लालगंज, खीरों और महिला थाने की पुलिस किसी भी बवाल से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर लगाई गई थी। डिग्री कालेज चौराहा स्थित शहीद चौक से लेकर कलेक्ट्रेट तक जाने वाले दोनों रास्ते सोमवार को पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहे थे। फिलहाल धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्वक निपट गया। इनसेट---- अधिवक्ताओं ने फूंका कैबिनेट मंत्री का पुतला रायबरेली। ऊंचाहार अप्टा काण्ड में प्रदेश सरकार के कबीना मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर गैर जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाते हुए दीवानी न्यायालय के गेट नंबर 2 पर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका। अधिवक्ता पीड़ित परिवारों को सहायता धनराशि बढ़ाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की भी मांग कर रहे थे। आक्रोशित अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य को कैबिनेट मंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री को तत्काल मंत्रिमण्डल से बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे की धनराशि 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की जाए तथा प्रत्येक मृतक के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस मौके पर शशिकांत शुक्ला, संजय बाजपेयी, विकास त्रिपाठी, सुरेन्द्र तिवारी, सीके त्रिवेदी, सतीश मिश्रा, देवेश शुक्ल, जीएस बाजपेयी, संजीव शुक्ल, राकेश तिवारी, राजेश गौतम, अतुल द्विवेदी, विपुल दीक्षित, आशु श्रीवास्तव, अमित कुमार, पंकज पाण्डेय, राहुल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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  • Web Title:Investigations affecting the pressure of cabinet minister
लोग आते गए और लाइन लम्बी होती चली गई.....टिकैतराय कालोनी के नागरिकों ने धरना दिया