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इग्नू

इग्नू में हुआ पहले ट्रांसजेंडर स्टूडेंट का दाखिला लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने इस सत्र से ट्रांसजेंडर के लिए मुफ्त में शिक्षा शुरू की है और ऐसा करने वाला इग्नू देश का पहला विश्वविद्यालय है। विवि ने मौका दिया तो ट्रांसजेंडर्स में भी उम्मीद जगी और इग्नू को सुधा के रूप में अपना पहला ट्रांसजेंडर स्टूडेंट मिल गया। इग्नू लखनऊ के असिस्टेंट ​रीजनल डायरेक्टर डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को यूनिवर्सिटी में पहले ट्रांसजेंडर सुधा ने एडमिशन लिया। कुछ और ट्रांसजेंडर्स ने भी आवेदन किया है, जिनकी एडमिशन प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदन 31 जुलाई तक लिए जा रहे हैं। रीजनल डायरेक्टर डॉ. मनोरमा सिंह ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत अन्य जिलों में भी अवेयरनेस प्रोग्राम चल रहे हैं और अगर ट्रांसजेंडर्स के आवेदनों की संख्या अच्छी रही तो रीजनल सेंटर में ही इनके लिए अलग से क्लास भी शुरू होंगे। 18 साल पहले छोड़ी थी पढ़ाई इग्नू के लखनऊ रीजनल सेंटर में प्रवेश लेने के बाद सुधा ने बताया कि उन्होंने 18 साल पहले बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट किया था लेकिन सामाजिक परिस्थितियों के चलते आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ में रोजी-रोटी की तलाश शुरू कर दी। सुधा ने इग्नू में बैचलर्स प्रिपरेटरी प्रोग्राम (बीपीपी) में एडमिशन लिया है। यह छह महीने का ब्रिज कोर्स है जिसे करने के बाद सुधा को इग्नू में ही स्नातक में दाखिला मिल जाएगा। पढ़ना किसे अच्छा नहीं लगता, मौका तो मिले सुधा के जैसे ही यहां आवेदन करने के लिए उनके साथ आए अन्य ट्रांसजेंडर्स ने बताया कि वह पढ़ना चाहते हैं और अपने जीवन स्तर को बेहतर करना चाहते हैं लेकिन समाज ही उनसे इसका मौका छीन लेता है। मजबूरन उन्हें अपने पारम्परिक पेशे में जाना पड़ता है। इन लोगों ने कहा कि जिस तरह से इग्नू ट्रांसजेंडर्स को पढ़ने का मौका दे रहा है अगर उसी तरह सरकार अन्य कॉलेजों में भी उनके लिए व्यवस्था कर दे तो उनका समुदाय भी मुख्यधारा से जुड़ सकेगा।

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  • Web Title:ignou transgender
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