class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिन्दुस्तान जॉब्स: यूपी में सरकारी नौकरी,3575 डॉक्टरों की भर्ती जल्द

doctors strike

प्रदेश में 3575 डाक्टरों की जल्द भर्ती होगी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि अस्पतालों में डाक्टरों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसबीच लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 2065 डाक्टरों की सूची जारी कर दी गई है।

सिक न्यू-बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू), न्यू बार्न इन्टेंसिव केयर यूनिट (एसएनसीयू) और पीडियाट्रिक्स इन्टेंसिव केयर (पीआईसीयू) के साथ प्रोटोकाल व चेक लिस्ट की व्यवस्था लागू किये जाने एवं इन्फेंक्शन प्रिवेन्सन प्रोटोकाल का नियमित अनुसार निर्धारित समिति द्वारा सुनिश्चित किये जाने के लिए केजीएमयू की डा. माला कुमार की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट देगी।

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के फलस्वरूप लोक सेवा आयोग द्वारा 2065 चयनित डाक्टरों की सूची जारी कर दी गई है। जल्द ही इनकी तैनाती प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कर दी जाएगी। इनकी तैनाती के बाद अस्पतालों में डाक्टरों की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा 3575 डाक्टरों की भी जल्द भर्ती की जाएगी। प्रस्ताव की भर्ती के लिए विभागीय मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह सरकार बनने के बाद से ही प्रयासरत थे।

सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में डाक्टरों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। डाक्टरों के भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। साथ ही विशेषज्ञ डाक्टरों का अभाव न रहे। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग से कहा गया है कि चिकित्सा विभाग के अधियाचन को प्राथमिकता दें और डाक्टरों के लम्बित रिक्त पदों के भरने में तेजी लाएं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में लम्बे समय से 7328 डाक्टरों के पद खाली चल रहे थे, इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह बंद थी।

जिसके कारण अस्पतालों में हर वर्ष डाक्टरों का अभाव होता चला गया और बहुत से अस्पताल डाक्टरों की भारी कमी हो गई। वर्तमान सरकार ने अस्पतालों में डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके फलस्वरूप लोक सेवा आयोग से बेहतर समन्वय कर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया गया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों की भर्ती पर विशेष ध्यान दिया। नतीजतन, 2065 डाक्टरों की सूची जारी कर दी गई है।

 सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 में 2220 और वर्ष 2015-16 में 1066 कुल 3286 डाक्टरों का प्रस्ताव आयोग को भेजा गया था। जिसमें से आयोग द्वारा 2065 चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश अब जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में 1181 व वर्ष 2017-18 में 1173 यानी कुल 2354 डाक्टरों की भर्ती का प्रस्ताव भी आयोग को भेजा जा चुका है। इस प्रकार कुल 5640 पदों का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि आयोग से अपेक्षा की गई है कि शेष चिकित्सकों के खाली पदों की भर्ती को प्राथमिकता दें।

चयनित डॉक्टरों की सूची जारी

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के बाद सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की सेहत को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। बीआरडी मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी के सुझावों पर विस्तृत रिपोर्ट और एक्शन प्लान बनाने के लिए पांच कमेटियां बनाई गई हैं। यह कमेटियां शासन को अपनी रिपोर्ट सौपेंगी। सुझाव और संस्तुतियों को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा। यह जानकारी महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डा. केके गुप्ता ने दी।

डॉक्टरों की कमी-भर्ती, वेतनमान:मेडिकल कालेजों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पीजी स्तर पर कैम्पस इंटरव्यू के आधार पर भर्ती, सीनियर रेजीडेंट के वेतनमान आदि का अन्य संस्थानों के आधार पर बेंचमार्क तय करते हुए भरे जाने के संबंध में कमेटी होगी। इसके अध्यक्ष केजीएमयू के डा. अब्बास अली मेंहदी होंगे। समिति को 10 अक्टूबर तक अपने सुझाव देने होंगे।

मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अनिवार्य शासकीय सेवा हेतु स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों से निर्धारित अवधि हेतु बॉड भराये जाने के सम्बन्ध में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा केके गुप्ता की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को 15 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

तकनीकी अन्तर्वेषण के अन्तर्गत मृत बच्चों को प्रोटोकाल के अनुसार डेथ आडिट कराये जाने के लिए केजीएमयू के फारेंसिक विभागाध्यक्ष डा. एके वर्मा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को दिनांक 31 अक्टूबर 2017 तक अपनी रिपोर्ट शासन को देनी होगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन सभी राजकीय मेडिकल कालेजों और चिकित्सा संस्थानों के लिए एक चिकित्सा प्रबन्ध का प्रशासनिक कैडर सृजित करते हुए, मानव संसाधन, सामान्य प्रशासन, विधिक, वित्त तथा प्रोक्योरमेण्ट की इकाई को व्यवस्थित किये जाने हेतु एसजीपीजीआइ के चिकित्सा अधीक्षक डा. हेम चन्द्र चिकित्सा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति 15 दिसम्बर 2017 तक रिपोर्ट देगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:hindustan jobs doctors appointment in lucknow medical college
लखनऊ में महामहिम:2 दिन के दौरे पर राष्ट्रपति रामनाथ,ये रहेगा कार्यक्रम, अपने घर कानपुर भी जाएंगेबाराबंकी के जेल अधीक्षक पर कारागार मंत्री को घूस देने की एफआईआर