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दवाओं-उपकरणों की जरूरत तत्काल बताएं मेडिकल कॉलेज : टंडन

- वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मंत्री आशुतोष टंडन ने की समीक्षा मरीजों का इलाज किसी तरह से प्रभावित न हो। दवाओं या उपकरणों की कमी-खराबी के कारण मरीजों के जीवन पर संकट नहीं आना चाहिए। इसलिए मेडिकल कॉलेज अपनी तैयारियों को चाकचौबंद रखें। कहीं कोई कमी हो या जरूरत है तो तत्काल शासन को बताएं ताकि उसकी उपलब्धता कराई जा सके। यह बातें चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कही। गुरुवार को उन्होंने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। मंत्री ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए कि डायलेसिस, ब्लड बैंक, महत्वपूर्ण उपकरणों की क्रियाशीलता, एम्बुलेन्स, क्रिटिकल केयर, मेडिकल गैस सप्लाई सिस्टम, फायर फाइटिंग सिस्टम व विद्युत सुरक्षा जैसी आधारभूत सुविधाओं- सेवाओं की स्थिति क्या है? इसका पूरा ब्यौरा शासन को भेजें। मेडिकल कालेजों-अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों का समय पर उपस्थित रहना ही नहीं बल्कि जो जिम्मेदारी दी गई है उसे सही ढंग से पूरा करना भी सुनिश्चित कराएं। मंत्री ने स्प्ष्ट किया कि कॉलेजों में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखें इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज के प्राचार्य की होगी। सभी जीवन रक्षक उपकरणों को लगातार क्रियाशील रखें ताकि किसी भी गंभीर रोगी को तत्काल इलाज उपलब्ध हो सके। उन्होंने तीमारदारों की सुविधा के लिए रैन बसेरा और सस्ती दरों पर दवाएं मुहैया कराने के लिए अमृत फार्मेसी की स्थापना पर भी सवाल-जवाब किया। उन्होंने कहा कि जहां यह सुविधाएं नहीं हैं वहां से इसके लिए तत्काल प्रस्ताव भेजें जाएं। फायर-फाइटिंग और अग्निशमन यंत्रों की सुरक्षा जांच के भी निर्देश दिए। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. रजनीश दुबे ने भवनों की भौतिक स्थिति, औषधियों तथा रसायन की उपलब्धता की स्थिति, उपकरणों की क्रियाशीलता तथा क्रिटीकल उपकरणों की समय से एएमसी कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल गैस सप्लाई सिस्टम चेक प्वाइन्ट्स तथा बायोमेडिकल वेस्ट और उसके निस्तारण की व्यवस्था के सम्बन्ध में निर्देश दिये। इस अवसर पर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. केके गुप्ता सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।

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  • Web Title:health education
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