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15 हजार रुपए की ठगी

पीएम आवास योजना में मकान का झांसा दे मांग रहे थे रुपए इटौंजा। हिन्दुस्तान संवाद प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान के लिए आवेदन करने वाली महिला की होशियारी से इटौंजा पुलिस ने दो ठगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों ने महिला को मकान दिलाने का झांसा देकर 15 हजार रुपए की मांगी की थी। जिस पर महिला ने रुपए लेने के बहाने से ठगों को इटौंजा बुलाकर पुलिस को सूचना दी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए हुए ऑनलाइन आवेदन में इटौंजा नगर पंचायत के करीब 1200 लोगों ने फार्म भरे थे। वार्ड संख्या-दो निवासी सलीमा सिद्दीकी ने भी आवास योजना में आवेदन किया था। सलमा ने बताया कि शुक्रवार को उसके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले शख्स ने उनसे कहा कि अगर आवास योजना में मकान चाहिए तो 15 हजार रुपए देने पड़ेंगे। इसके बाद ही प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास आवंटित होगा। साथ ही फोन करने वाले ने रुपए लेकर तेलीबाग आने की बात भी कही थी। अंजान नंबर से आए फोन से सलमा भी सोच में पड़ गई थी। पर, उन्होंने युवक की बात कोई जवाब नहीं दिया। इस पर लगातार उसके नंबर पर फोन आते रहे। भइया, घर आकर रुपए ले जाओ कई बार फोन आने पर सलमा ने परिचितों से इस बारे में बताया। जिस पर तय हुआ कि रुपए मांगने वालों को इटौंजा बुला लो। इस बीच सलमा के मोबाइल पर जालसाजों ने फिर से फोन किया और रुपए लेकर तेलीबाग आने को कहा। पर, सलमा ने उनसे कहा कि भइया हम इतनी दूर नहीं आ सकते। ऐसा करो कि आप आकर रुपए ले जाओ। दबोच कर पुलिस को सौंपा रविवार की दोपहर दो युवक सलमा के घर पहुंचे। बातचीत के दौरान युवकों से जब पात्रता लिस्ट दिखाने को कहा गया तो वह सकपका गए। शक होने पर सलमा ने पार्षद रामनरेश, अकील व अन्य पड़ोसियों को बुला लिया। भीड़ जुटती देख युवकों को पकड़े जाने का अंदेशा होने पर वह मौके से भागने लगे। जिस पर ग्रामीणों ने जालसाजों को दबोच कर पुलिस को सूचना दी। गहरे हैं तार होगी जांच इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने हरदोई निवासी अनमोल वर्मा और असोहा उन्नाव निवासी विकास दीक्षित को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में अनमोल व विकास ने कबूल किया है कि डूडा में तैनात एक कर्मचारी सर्वे कर रुपए लाने को कहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और ठगी के इस खेल में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। क्रेडिट कार्ड मिलते ही हुई ठगी ठाकुरगंज सत्यपुरम कॉलोनी निवासी जमाल अहसन ने पत्नी रुबान फातिमा के लिए एसबीआई क्रेडिट कार्ड लिया था। 6 जुलाई को कोरियर के जरिये क्रेडिट कार्ड घर पहुंचा। जमाल ने बताया कि उन्होंने आवेदन के दौरान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 50 हजार मांगी थी। पर बैंक ने उनकी लिमिट 5 लाख कर दी। कार्ड आने के बाद रूबान फातिमा के पास कॉल आई। फोन एक महिला ने किया था। जिसने रूबान फातिमा से कार्ड का वैरिफिकेशन कराने के लिए कहा। रूबान ने वैरिफिकेशन कॉल समझ कर जालसाज महिला को सारी डिटेल दे दी। कुछ देर बाद ही रूबान के क्रेडिट कार्ड से 55 हजार रुपए निकल गए। पति जमाल के पास ईमेल व मैसेज पहुंचा। तब रुपए निकलने की जानकारी हुई। उन्होंने ठाकुरगंज थाने में रविवार को एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिवीजन के कर्मचारियों पर शक जताते हुए धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी है। बैंक कर्मी बन खाते से निकाले रुपए पीजीआई एल्डिको उद्यान-2 निवासी कनिष्क कीर्ति परिवार के मोबाइल पर एक कॉल आयी। फोन करने वाले ने बैंक कर्मी के रूप में पहचान देते हुए उनसे एटीएम कार्ड की डिटेल हासिल कर ली। इसके कुछ देर बाद ही कनिष्क के खाते से कई बार में 1.25 लाख रुपये निकाल लिए गए। वहीं सेक्टर-डी एलडीए कॉलोनी निवासी कुसुमलता के बैंक खाते से जालसाज ने 20 हजार रुपए निकाल लिए। कुसुमलता ने कृष्णानगर व कनिष्क ने पीजीआई थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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  • Web Title:fraud in itunja
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